सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज में वर्तमान सत्र में प्रवेश लेने वाले मेडिकल छात्र शहर में किराये का कमरा तलाश रहे हैं, क्योंकि उन्हें हॉस्टल में कमरा नहीं मिल पाया है। इस कारण है कि हॉस्टल के जो कमरे आवंटित नहीं हैं, उनमें फर्नीचर नहीं है। हॉस्टल के बाहर रहने से छात्रों की असुविधाओं को सामना करना पड़ेगा।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में 150 कमरों में 300 बेड का हॉस्टल बनाया गया है। जिसमें से 180 बेड का हॉस्टल छात्रों के लिए है और 120 बेड का हॉस्टल छात्राओं के लिए बनाया गया है। इस बार के प्रवेश से छात्रों की संख्या हॉस्टल के बेड के अपेक्षा अधिक हो गया है। जिससे कुछ छात्राें को बाहर कमरा ढूंढना पड़ रहा है, जबकि छात्राओं के लिए 120 बेड का हॉस्टल बना है, लेकिन छात्रों की संख्या कम होने की वजह से लगभग 55 छात्राओं के रहने के लिए अभी भी हॉस्टल में जगह है।
85 सीटों पर हुआ प्रवेश
मेडिकल कॉलेज के 100 सीटों पर लगभग 85 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है, जबकि दूसरे राउंड में इन सीटों पर भी प्रवेश होने की संभावना है। तीसरे बैच में मेडिकल कॉलेज में छात्र-छात्राओं की संख्या करीब 300 होने की संभावना है। निर्धारित एजेंसी ने हॉस्टल के लिए फर्नीचर की सप्लाई नहीं दी। यदि फर्नीचर होता हो तो इतने अधिक छात्रों को परेशानी नहीं होती। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने 70 लाख रुपये के फर्नीचर खरीदने का प्रस्ताव भेजा है, लेकिन बजट प्राप्त नहीं है।
मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल में फर्नीचर की कमी है। 70 लाख रुपये का फर्नीचर खरीदने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बजट प्राप्त होते ही फर्नीचर मंगाया जाएगा। उसके बाद जरूरतमंद छात्रों को हॉस्टल में कमरे आवंटित किए जाएंगे।
-डॉ. एके झा, प्रभारी प्राचार्य