फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: बिना पंजीकरण चल रहा था हाॅस्पिटल और जांच सेंटर, दिया नोटिस

Sun, 05 Nov 2023 01:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
बर्डपुर क्षेत्र के ​स्थित अस्पताल की जांच करते डिप्टी सीएमओ संजय कुमार गुप्ता। स्त्रोत्र स्वास्
विज्ञापन
बिना पंजीकरण चल रहा था हाॅस्पिटल और जांच सेंटर, दिया नोटिस
विज्ञापन

फोटो- है

नौगढ़ तहसील क्षेत्र में संचालित होने वाले अस्पताल और जांच सेंटर पर डिप्टी सीएमओ ने मारा छापा

संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। अवैध रूप से संचालित होने वाले अस्पताल और जांच सेंटरों पर डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने शुक्रवार को छापा मारा। उन्होंने पांच अस्पतालों और जांच सेंटर की जांच की। इसमें चार बिना पंजीकरण के पाए गए, जबकि एक ने चार दिन पहले आवेदन करने की जानकारी दी। डिप्टी सीएमओ ने सभी को नोटिस जारी कर साक्ष्य के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए। एक अस्पताल में बिना चिकित्सक ओपीडी खुला मिलने पर दो कमरों को सील कर दिया। दो दिन के अंदर जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।

डिप्टी सीएमओ व नोडल अधिकारी नैदानिक स्थापना डॉ. संजय गुप्ता शुक्रवार को नौगढ़ तहसील क्षेत्र के अस्पताल और जांच सेंटर का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। वह सबसे पहले अनुदान पैथालॉजी एंड एक्स-रे सेंटर सोहांस पहुंचे। प्रबंधक अरुण कुमार द्विवेदी से संबंधित कागजात मांगे। जांच में कोई कागजात नहीं मिला और अवैध रूप से संचालित होना पाया गया। इसके बाद नोटिस देते हुए तत्काल बंद करवाया और दो दिन के अंदर जवाब देने के निर्देश दिए।
विज्ञापन

इसके बाद नीरज क्लीनिक एंड चाइल्ड केयर सेंटर सिंगरहा लोटन पहुंचे। यह जांच में बिना पंजीकरण अवैध रूप से संचालित होना पाया गया। बोर्ड पर लगे चिकित्सक से बात हुई तो बताया कि एमबीबीएस चिकित्सक हैं। आज अनुपस्थित हैं। केवल रविवार को मरीज देखते हैं। इसके साथ ही एक मरीज की जांच करते हुए मिले। पैथोलॉजी और मेडिकल स्टोर संचालित मिला, जिसके संबंध में कोई कागजात प्रबंधक नहीं दिखा सके। इसके बाद दो दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने के निर्देश देते हुए नोटिस दिया गया।
इसके बाद प्रभा हाॅस्पिटल लोटन बाजार कोल्हुई रोड पहुंचे। प्रबंधक दुर्गा प्रसाद ने बताया कि तीन दिन पहले ही पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। जांच में आवेदन करना पाया गया। एक डॉक्टर का उल्लेख किया गया था। जांच में वह चिकित्सक उपस्थित नहीं मिलीं। जबकि एक मरीज भर्ती होना पाया गया। प्रबंधक को दो दिन में स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस दिया गया।
पाली क्लीनिक एंड एक्स-रे लोटन सिकरी बाजार पहुंचे, जो पंजीकृत नहीं पाया गया और न ही आवेदन किया था। यहां चार बेड और एक कमरे में एक्स-रे मशीन चलती मिली। इसके संबंध में प्रबंधक कोई कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। प्रबंधक को दो दिन में स्पष्टीकरण देने के निर्देश देते हुए नोटिस दिया गया।
इसके बाद पब्लिक हाॅस्पिटल मोहाना चौक पहुंचे। यहां अस्पताल बिना पंजीकरण संचालित होता पाया गया। अस्पताल में मौजूदा फैजान ने बताया कि कोई चिकित्सक नहीं आते हैं। जबकि ओपीडी संचालित होती मिली। इसमें ओपीडी सहित दो कक्षों काे सील कर दिया गया। नोटिस दिया गया और दो दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए।




नोडल अधिकारी द्वारा हाॅस्पिटल और जांच सेंटर का निरीक्षण किया गया है। इसमें बिना पंजीकरण के चलते हुए मिले हैं। नोटिस देकर दो दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. नरेंद्र कुमार वाजपेयी, सीएमओ सिद्धार्थनगर






मौत के बाद सक्रिय होते हैं जिम्मेदार
अवैध रूप से संचालित हो रहे अस्पतालों में दम तोड़ रहे मरीज

संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। निजी अस्पतालों में मरीजों का शोषण जारी है। मरीज माफिया सरकारी से लेकर जाकर बिना पंजीकरण के चल रहे अस्पतालों में मरीजों को पहुंचा रहे हैं। जहां उनसे रकम की वसूली की जाती है। गलत इलाज और ऑपरेशन से गर्भवती महिलाओं की जानें भी जा रही हैं।
तीन माह में अवैध रूप से संचालित होने वाले अस्पतालों में चार महिलाओं की मौत हो चुकी है। विकास भवन के पास अवैध रूप से संचालित होने वाले अस्पताल में एक प्रसूता और नवजात की मौत के बाद स्वास्थ्य महकमे की नींद टूटी और अब जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है।

प्रसूता और शिशु की मौत

27 नवंबर को जोगिया कोतवाली क्षेत्र के कपिया मिश्र गांव निवासी कुसुम का शहर के परसा शाह आलम में अवैध रूप से संचालित होने वाले अस्पताल में ऑपरेशन करने से पहले बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद दो दिन पहले गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में कुसुम ने दम तोड़ दिया। अस्पताल सील करके जांच शुरू हुई, लेकिन दो जानें चली गईं।



प्रसूता की हो गई मौत

लोटन कोतवाली क्षेत्र के स्थानीय कस्बे में संचालित होने वाले अस्पताल में गलत ऑपरेशन कर देने से उसका थाना क्षेत्र के सिसहनिया निवासी चांदनी ने दम तोड़ दिया। मौत के बाद हंगामा हुआ तो स्वास्थ्य महकमे को पता चला कि अस्पताल अवैध रूप से चल रहा था। इसके बाद केस दर्ज करने के साथ ही अस्पताल को सील किया गया।

केस 1

छह अगस्त को उसका थाना क्षेत्र के उसका बाजार में संचालित होने वाले नवजीवन अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान मदीना (26) की पित्त की थैली का ऑपरेशन करने के दौरान सूती कपड़ा छोड़ दिया गया। पेट में दर्द था शोहरतगढ़ के एक निजी अस्पताल में ले गए। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इसमें उसका बाजार अस्पताल के संचालक पर कार्रवाई हुई थी।
विज्ञापन

केस दो



जनहित हॉस्पिटल एंड फ्रैक्चर क्लीनिक शोहरतगढ़ में 29 जुलाई को शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र महमुदवा ग्रांट निवासी नीलम उर्फ रीमा (27) पत्नी बृजलाल को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे पहले शोहरतगढ़ सीएचसी ले गए थे। वहां चिकित्सक उसकी हालत ठीक नहीं होने कारण उसका प्रसव सीएचसी में नहीं कराकर कर रेफर कर दिया गया था। उसके बाद सीएचसी से उसे किसी ने एक निजी अस्पताल पहुंचाया। जहां नार्मल प्रसव होने के बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई थी। निजी अस्पताल के स्टाफ और डॉक्टर इलाज करते रहे। जब उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो परिजन व निजी अस्पताल के स्टाफ की ओर से माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल ले जाते समय मौत हो गई थी। शिकायत के बाद इस मामले में अस्पताल संचालक पर कार्रवाई हुई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें