सिद्धार्थनगर। अलीगढ़वा बॉर्डर पर प्राइवेट वाहन चालकों की मनमानी ने यात्रियों की मुसीबत बढ़ा दी है। बाजार में बने अवैध स्टैंड पर इनका राज चलता है और यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं। बात तब और बिगड़ जाती है जब कोई यात्री कहीं और से वाहन बुलाने की कोशिश करता है। स्टैंड पर दबदबा बनाए प्राइवेट वाहन चालक किसी बाहरी वाहन के आने पर विवाद खड़ा कर देते हैं। उनकी कोशिश होती है कोई भी बाहरी वाहन उनके यहां घुसने न पाए और कई बार तो बात हाथापाई तक आ जाती है। दूसरी जगहों से आने वाले वाहनों की चाबी भी छीन लेते हैं।
नेपाल सीमा से सटे अलीगढ़वा बाजार से होकर प्रतिदिन हजारों यात्री आवागमन करते हैं। थोड़ी ही दूरी पर मौजूद बौद्ध धर्मस्थली कपिलवस्तु व गनवरिया में काफी संख्या में नेपाली नागरिक भी आते हैं। नौगढ़ से अलीगढ़वा के लिए केवल एक सरकारी बस का संचालन होने से बॉर्डर क्षेत्र के यात्री प्राइवेट वाहनों के सहारे यात्रा करते हैं। अलीगढ़वा में वैसे तो कोई वैध टैक्सी स्टैंड नहीं बना है, लेकिन यहां प्राइवेट वाहन चालकों का ही सिक्का चलता है।
यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं और उनकी पूरी कोशिश होती है कि कोई बाहरी वाहन उनके एरिया में घुसने न पाए। जब यात्री किराया देने में असमर्थता जता कर अपने प्रयासों से कहीं और से वाहन बुलाता है तो बाजार के टैक्सी चालक उसका पुरजोर विरोध करते हैं। बाहरी वाहन चालकों के साथ बदसलूकी करने के साथ उनके वाहनों की चाबी निकालने से भी गुरेज नहीं करते। शहर से कोई यात्री ऑटो बुक करके घर जाता है, तो उसे रास्ते में रोककर परेशान करते हैं।
बोले यात्री
अलीगढ़वा में टैक्सी स्टैंड नहीं है, लेकिन वाहन चालकों ने अपना स्टैंड बना रखा है। बाहरी वाहनों को आने नहीं देते और इसका फायदा उठाकर यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं।
-शिवशंकर, यात्री
अलीगढ़वा बाजार से होकर हर दिन भारी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। यहां पर वैध टैक्सी स्टैंड होना जरूरी है और किराया भी निर्धारित किया जाना चाहिए।
-अच्छेलाल, ई रिक्शा चालक
वर्जन-
ऐसी कोई शिकायत अभी तक नहीं आई है। लोगों से जानकारी ली जाएगी और अगर इस तरह की समस्या है तो उसका समाधान किया जाएगा। मनमानी करने वाले वाहन चालकों से विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
-राजेश गुप्ता, प्रभारी, कपिलवस्तु कोतवाली