दशहरा को लेकर नेपाल में चार दिन भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। दशहरा पर्व को देखते हुए नेपाल सरकार के अर्थ मंत्रालय ने चार दिन तक भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित कर दिया है। नेपाल में सबसे प्रमुख त्योहार दशहरा है। इस दिन देश-विदेश में रह रहे नेपाली नागरिक अपनों के बीच पहुंचकर त्योहार को मनाते हैं।
दशहरा त्योहार को लेकर नेपाल में भारत से पटाखा, फूल की तस्करी बढ़ जाती है। इसमें नेपाल बॉर्डर बकरे व पटाखे की तस्करी को रोकने के लिए मुख्य व पगडंडी मार्ग पर भी पुलिस व जवानों की पैनी नजर है। दशहरा त्योहार में भारत देश के युवा नेपाल की परंपराओं के देखने के लिए अपने निजी साधनों से जाते हैं।
इस समय नेपाल के स्वर्गद्वारी (प्रभुनाथ) व सुपादेवराली घूमने के लिए जाते हैं। भारतीय युवा नेपाल में वर्षों से चले आ रहे दशहरा की इस परंपरा को देखने के लिए जाते हैं। नेपाल में दशहरा में नोटों की पूजा की जाती है।
पटाखे की तस्करी को लेकर सतर्क है नेपाल प्रशासन
दशहरा त्योहार पर नेपाल में पटाखों की मांग बढ़ जाती है व त्योहार को लेकर सड़क पर नागरिकों की आवागमन तेज हो जाती है। इसको देखते हुए नेपाल सरकार भारी वाहनों पर रोक लगा देती है। पटाखों की हो रही तस्करी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन को चौकन्ना कर देती है।
इस दौरान मुख्य मार्ग व पगडंडी मार्ग पर शस्त्र सीमा बल (एपीएफ) व पुलिस के साथ अतिरिक्त जवानों को भी नेपाल सरकार गश्त करने के लिए भेज देते हैं।
नेपाल में दशहरे की पूजा
नेपाल में दशहरा त्योहार को देखते हुए फूल की मांग बढ़ जाती है। इससे लोग भारत से फुल की आवक करते हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। लोग भारत के फूल से दशहरे की पूजा करते हैं।
दुर्गा पूजा मेले में उमड़े लोग, सड़कों पर रेंगने लगे वाहनों के पहिए
फोटोसड़काें के किनारे पूजा पंडालों के पास लग रहा है जाम
शहर में दो स्थानों पर लगा है मेला, देर रात में लाेगों ने उठाया लुत्फ
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शहर में रविवार को नवरात्र अष्टमी को श्रद्धालुओं के जत्थे देवी प्रतिमाओं के दर्शन-पूजन करने निकले तो सड़कों पर वाहनों के पहिए रेंगने लगे। पंडालों के पास सड़क संकरी हो गई है, जबकि पैदल चलने वाले लोगों की संख्या अधिक हो गई है। वहीं, ठेले पर लगी दुकानें भी सड़क की पटरियों पर हैं। जब समूह में पहुंचे लोग ठहर रहे हैं तो जाम जैसी स्थिति बन रही है।
रेलवे स्टेशन पर रोड पर दो स्थानों पर पंडाल बने हैं। इसी रोड पर लगे मेला में झूले और दुकानों पर भी लोग लुत्फ उठाने और खरीदारी करने पहुंच रहे हैं। रविवार रात आठ बजे मेला के गेट पर बार वाहनों के चालकों को ब्रेक लगाने की नौबत आती रही। यही कारण है कि वाहनों को लेकर दर्शन करने की कोशिश करने वाले लोगों को रोड पर जाने के बजाए कुछ दूरी पर ही वाहन खड़े करने पड़े। रेलवे स्टेशन गेट पर भी बने हुए पंडाल के पास जाम की नौबत बनी।
उसी स्थान से ई-रिक्शा चालक गेट से बाहर निकल रहे हैं, जबकि अन्य लोग भी सड़क पर ही खड़े मिल रहे हैं। मौके पर पुलिस कर्मी मौजूद नहीं थे। सिद्धार्थ तिराहे से आगे बांसी तिराहे पर जाने वाली सड़क पर पंडाल के अंदर लोग पूजा कर रहे थे, लेकिन गेट के पास सड़क पतली होने के कारण जाम भी लग रहा है। वहां दो पंडालों के पास यातायात की समस्या आ रही है।
थरौली के अशोक कुमार ने कहा कि दशहरा में और अधिक श्रद्धालु पूजा करने आएंगे तो जाम की समस्या बढ़ सकती है। पंडालों के पास पुलिस का पहरा होना चाहिए।
मेला में लुत्फ उठाने पहुंचे लोग
नवरात्र में भक्ति और मेला का लुत्फ उठाने के लिए शहर के लोग परिवार से सहित मेला में पहुंचे। बीएसए ग्राउंड में लगे मेले में
काफी संख्या में लोग परिवार सहित पहुंचे। यहां बच्चे झूलों पर आनंदित हो रहे हैं तो बड़े खरीदारी कर रहे है। खाने-पीने की दुकानों में भी खूब भीड़ लगी रही है। इसी प्रकार रेलवे स्टेशन के पास भी मेले में महिलाओं और बच्चों का तांता लगा हुआ है।
बीएसए ग्राउंड पर मेला लगा हुआ है, ग्राउंड में पार्किंग की सुविधा भी है, लेकिन ई-रिक्शा वाले सड़क पर हैं। इस कारण जेल रोड पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। मैंने तो ई-रिक्शा वालों को समझाया भी। यहां भी पुलिस की आवश्यकता है।
-शिव कुमार, बुद्ध नगर
आज मैं बच्चों के साथ निकला हूं। दुर्गा प्रतिमाओं के दर्शन कराए और मेले में भ्रमण भी करा रहा हूं। रेलवे स्टेशन रोड पर वाहन के साथ जाने पर निकलने में अधिक समय लग रहा है। सिद्धार्थ तिराहे पर पुलिस थी, लेकिन पंडालों के पास जाम लग रहा है।
-अमित त्रिपाठी, सिंहेश्वरीपुरम
जरूरत पड़ी तो करेंगे रूट डायवर्जन
दशहरा व प्रतिमाओं के विसर्जन में जाम न लगे, इसलिए प्रतिमा विसर्जन के दिन रूट डायवर्जन करने की योजना बनाई गई है।
इसमें गोरखपुर की ओर से आकर बर्डपुर जाने वाले बड़े वाहनों को पकड़ी से निकाल कर सनई, चिल्हिया होते हुए बर्डपुर भेजा जाएगा। वहीं बर्डपुर से गोरखपुर जाने वाले वाहनों को इसी मार्ग से भेजा जाएगा। बढऩी, शोहरतढ़, सनई पकड़ी होते हुए गोरखपुर भेजा जाएगा। जबकि बांसी से गोरखपुर की ओर जाने वाले वाहनों को जोगिया पकड़ी होते हुए भेजा जाएगा। यातायात प्रभारी अमरेश यादव ने बताया कि शहर में शाम को सड़कों पर लोगों की संख्या बढ़ी तो वाहनों की रफ्तार कम हुई है। लंबा जाम लगेगा तो रूट डायर्वट किया जाएगा।
थमा डीजे का शोर, कथा सुनने लगे लोग
सिद्धार्थनगर। दुर्गा पूजा में इस बार पुलिस प्रशासन की सख्ती से डीजे का शोर थम गया है तो मंदिरों व अन्य स्थानों पर कथा, पूजा शांति से कर रहे हैं। दुर्गा पूजा पंडालों पास भक्तिमय गीतों का शोर भी कम ही था। दुकानदार राकेश कुमार ने कहा कि डीजे का शोर थमने से लोगों को राहत मिली है। अब बुजुर्ग व बीमार लोगों की परेशानी नहीं हो रही है। श्री सिंहेश्वरी मंदिर में आचार्य दिव्यांशु प्रवचन कर रहे थे तो कुछ भक्त सुन रहे थे। आचार्य दिव्यांशु ने कहा कि डीजे का शोर कम होने से लोग भक्ति में रम गए हैं, प्रशासन की यह पहल अच्छी है। इसी प्रकार हनुमान गढ़ी में भी कथा सुनने के लिए लोग कुर्सियों पर बैठे हुए थे। दुर्गा मंदिर सिसवा बुजुर्ग में भी लोग कीर्तन कर रहे हैं। डीजे साउंड की दुकान चालने वाले राकेश कसौधन ने बताया कि इस बार नवरात्र में कारोबार कम हो गया है। पिछले वर्ष 50 हजार रुपये की बुकिंग हुई थी, जबकि इस बार 10-12 हजार कमाई होने में संशय है।