शहर में हो रही बारिस में भीग कर जाते स्कूली छात्र
सिद्धार्थनगर। चार दिन से छिटपुट बारिश के बीच बुधवार रात इस सीजन की सबसे तेज बारिश रिकार्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार जिले में औसत 74.8 मिली बारिश हुई, इसमें सर्वाधिक उसका बाजार में 191.4 मिली बारिश हुई। झमाझम बारिश से तापमान में कमी आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
सामान्य बारिश की तुलना में इस वर्ष दो दिन पहले तक 35 फीसदी कम बारिश हुई थी, लेकिन रात में हुई बारिश के बाद सामान्य बारिश की तुलना यह घटकर 19 फीसदी कम रह गई है। सीजन में 506.2 मिमी बारिश हो चुकी है।
मौसम विभाग के अनुसार शहर में 110.5 मिली, ककरही में 98.4, बांसी में 45.2, इटवा में 280 शोहरतगढ़ में 56, डुमरियागंज में 16 मिली बारिश हुई। पूरी रात हुई बारिश से तापमान में कमी आ गई। मौसम ठंडा होने से रात में पंखा और कूलर चला कर सो रहे लोगों को इन्हें बंद करना पड़ा। सुबह धूप निकलने के कुछ देर बाद फिर से आसमान में बादल छा गए और शाम होते-होते बारिश होने लगी। इसके बाद रात तक रूक-रूककर बारिश होती रही। मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह का कहना है कि आगामी पांच दिनों तक बारिश होने के आसार है।
बांध निर्माण से बंद हुई जलनिकासी
सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज नगर क्षेत्र के शाहपुर मे नव निर्मित शाहपुर भोजपुर बांध से शहर की जलनिकासी का रास्ता बंद हो गया है। इस बार शाहपुर भोजपुर बांध निर्माण से कुछ गांवों के साथ शाहपुर नगर के लोगों को भी निजात मिलेगा, लेकिन बांध निर्माण से बारिश का पानी बहने के लिऐ समुचित व्यवस्था नहीं किया गया है। जिससे दो दिन के बारिश में शाहपुर चौराहे के बगल जलभराव से तालाब में परिवर्तन हो गया है। शाहपुर निवासी कैलाश नाथ जायसवाल ने कहा बांध निर्माण करने वाली संस्था या नगर पंचायत को समय रहते जल निकासी का कार्य पहले करना चाहिए था, लेकिन अभी तक शहरों की जल निकासी को लेकर कोई कार्य नहीं हुआ है। गणेश जायसवाल ने कहा शाहपुर और नेबुआ गांव के सरहद पर साइफन निर्माण की जगह एक पाइप डालकर पानी बहने का रास्ता बना दिया लेकिन बाढ़ में यह पाईप मुसीबत का कारण बन सकता है। शाहपुर निवासी आलोक अग्रहरि, बबुआ सिंह ने कहा पिछले वर्ष आई बाढ़ में घर छोड़ जाना पड़ा था। सुभाष नगर वार्ड सभासद प्रतिनिधि राजेश कुमार ने कहा जल निकासी के लिए ईओ को सूचना दी गई थी फिर भी कोई कार्य नहीं हुआ।