सिद्धार्थनगर। शहर सहित जिले के अधिकतर क्षेत्रों में रविवार को हुई झमाझम बारिश से हर किसी के चेहरे खिल गए। सावन की पहली बारिश से खेतों में मुरझाई फसलें भी मुस्करा उठी। लंबे समय से मायूस किसान इस बारिश से इतने खुश हुए कि भीगते हुए खेताें की ओर चले गए, जबकि कई क्षेत्रों में युवा और बच्चे भी भीगते हुए खुश नजर आए।
जिले में रविवार को मौसम ने दिन में कई बार मौसम ने रंग बदला। सुबह से ही बादल छाए थे, दोपहर में कुछ देर धूप और उमस हुई, उसके बाद फिर बादल छा गए। दोपहर दो बजे रिमझिम बारिश हुई, लेकिन उस बारिश के दौरान भी लोग उमस से परेशान थे। उसके बाद शाम करीब पांच बजे झमाझम बारिश के साथ ठंडी हवाएं चली तो मौसम सुखद हो गया। जो लोग घर से बाहर निकले थे,वे भीगते हुए घर गए। देर शाम तक बादल छाए थे और नम हवाएं चल रही थी तो लोगों ने छत पर चढ़कर खुशनुमा मौसम को सुखद अहसास किया।
शहर में हुई अच्छी बारिश
शहर में 25 मिमी, उसका में 11 मिमी सहित डुमरियागंज, बांसी, शोहतरगढ़, बर्डपुर में बारिश हुईं। कहीं अधिक बारिश से राहत मिली तो कहीं कम बारिश से भी तसल्ली हुई। दिन में अधिकतम तापमान 33.7 एवं न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हुई बारिश धान की फसल के लिए साबित होगी संजीवनी
बारिश नहीं होने से धान के खेत में दरारें पड़ने लगी थी और धान की फसल सिंचाई के अभाव में पीली होने लगी थीं, लेकिन आज काफी इंतजार के बाद हुई बारिश धान की फसल के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी। उम्मीद है कि आगे भी बारिश हुई तो धान की फसल बच जाएगी।
सोहन प्रसाद, किसान ग्राम महुआ खुर्द
यह बारिश धान की फसल के लिए काफी लाभदायक साबित होगी। रोपाई के बाद से बारिश नहीं होने से खेत सूख गए और धान की फसल मुरझा गई थी, लेकिन इंद्र देवता ने हम किसानों पर मेहरबानी की वर्षा की है, इसी तरह आगे भी बारिश होती रही तो हम लोग नुकसान से बच जाएंगे।
हरी प्रसाद, किसान ग्राम बनगवां बरई
बिस्कोहर में लंबे अंतराल के बाद रविवार दोपहर चार बजे से शुरू हुई झमाझम बारिश में नहाते बच्चे
बिस्कोहर में लंबे अंतराल के बाद रविवार दोपहर चार बजे से शुरू हुई झमाझम बारिश में नहाते बच्चे