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Siddharthnagar News: छुट्टा पशुओं की सेहत का रखा जाएगा ख्याल, भेजे जाएंगे गोशाला

Thu, 08 Dec 2022 12:32 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी सिद्धार्थनगर।

सार

सूबे की योगी सरकार ने पहली बार सत्ता में आने के बाद छुट्टा पशुओं से होने वाली समस्या को देखते हुए न्याय पंचायत स्तर पर स्थाई व अस्थाई गोशाला बनाने का निर्देश दिया था। लेकिन जिले में सभी न्याय पंचायत में जमीन न होने के कारण गोशाला संचालित नहीं हो सका।
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गौशाला छोड़ रोडवेज परिसर में बैठे सट्टा पशु। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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विस्तार
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किसानों और यात्रा करने वालों को जल्द ही छुट्टा पशुओं से मुक्ति मिल जाएगी। छुट्टा पशुओं को बृहस्पतिवार से पकड़कर गोशाला भेजा जाएगा। जिससे पशुओं की देखभाल हो सके, उनके सेहत की नियमित जांच हो सके। साथ ही किसानों को फसल की रखवाली से निजात मिले और पशुओं से सड़क पर होने वाले हादसे कम हों। विशेष अभियान के तहत पकड़े जाने वाले छुट्टा पशु नजदीक के गोशाला में रखे जाएंगे। इसके लिए तैयारी पूरी कर ली गई है।

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छुट्टा पशु किसानों के लिए मुसीबत बन चुके हैं। खेत में पहुंचने से फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं तो वहीं, सड़क पर पहुंचने से लोग इनसे टकरा कर हादसे का शिकार हो रहे हैं। बढ़ती हुई छुट्टा पशुओं की तादाद किसान और राह चलने वालों के लिए बड़ी समस्य बन चुकी है। छुट्टा पशुओं से फसल बर्बादी का भारतीय किसान यूनियन सहित अन्य संगठन लगातार आवाज उठाता है।

वहीं ठंड में गोवंशीय पशुओं की मौत भी होती है। जबकि सड़क पर खड़ा होने से बड़े वाहनों की टक्कर से घायल भी हो रहे हैं। इसे शासन ने संज्ञान में लेते हुए खेत में और सड़क पर घूमने वाले पशुओं को गोशाला में भेजने के लिए निर्देशित किया है। इस मामले में जिलाधिकारी ने अभियान चलाकर छुट्टा पशुओं को गोशाला में भेजने के लिए जिम्मेदारों को निर्देश दिया है।
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आठ दिसंबर से सभी ब्लॉक क्षेत्र में विशेष अभियान तहत पशुओं को पकड़कर नजदीक के स्थाई व अस्थाई गोशाला में भेजा जाएगा। इससे किसानों को काफी सहूलियत मिलेगी और सड़क हादसे रुकेंगे। इस संबंध में जिलाधिकारी संजीव रंजन ने बताया कि समस्या को देखते हुए छुट्टा पशुओं को गोशाला में भेजने को निर्देश दिया गया है। जिससे बीमार पशुओं इलाज हो सके और उनकी सही देखभाल हो।

जिले में संचालित हैं 70 गोशाला
सूबे की योगी सरकार ने पहली बार सत्ता में आने के बाद छुट्टा पशुओं से होने वाली समस्या को देखते हुए न्याय पंचायत स्तर पर स्थाई व अस्थाई गोशाला बनाने का निर्देश दिया था। लेकिन जिले में सभी न्याय पंचायत में जमीन न होने के कारण गोशाला संचालित नहीं हो सका। आंकड़ों के मुताबिक जिले में 70 अस्थाई व स्थाई गोशाला जनपद में संचालित हो रहा है। तीन हजार से अधिक पशुओं की इसमें देखभाल की जा रही है।

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