बाढ़ के मद्देनजर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट
औराताल। अतिवृष्टि एवं नेपाल से पानी छोड़े जाने के कारण राप्ती नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों में पानी घुस गया है और संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। बाढ़ से घिरे गांवों में बीमारियों के फैलने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम अलर्ट हो गई है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बेंवा के प्रभारी डॉ. श्रवण तिवारी ने बाढ़ प्रभावित गांवों में दवा वितरण एवं स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से डॉक्टरों की तीन टीमें तैनात कर दी हैं। चिकित्सकों के साथ फ़ार्मासिस्ट व एएनएम गांवों में उपस्थित रहेंगे। मंगलवार को उन्होंने अपनी टीम के साथ प्रभावित गांव सीर मझारी, कोहलडीह, जंगलडीह में डॉ. हरिकेश यादव, फार्मासिस्ट घनश्याम प्रजापति, शंभू यादव व एएनएम सुनीता तथा सुकरौली, बनगाई, चंदोखवा गांव में डॉ. शफीक अहमद, फार्मासिस्ट दिलीप, दुर्गेश व अविनाश सिंह वार्ड ब्वाय, एएनएम सुमन तथा बिथरिया, परसपुर, बहेरिया ग्राम पंचायत के डीह पर पर प्रभावितों के स्वास्थ्य की देखरेख के लिए डॉ संजय त्रिपाठी, एएनएम गीता चौधरी, वार्डब्वाय नवल किशोर की ड्यूटी लगाई है। बाढ़ प्रभावित सुकरौली, बनगाई, महोखवा आदि गांवों में डॉ. श्रवण तिवारी ने क्लोरीन की गोलियां, ब्लीचिंग पाउडर, सर्दी खांसी, जुकाम, मलेरिया आदि की दवाइयों का वितरण किया।
बाढ़ प्रभावित गांव में लगा स्वस्थ शिविर, दी गईं दवाएं
भनवापुर। अधीक्षक सीएचसी सिरसिया डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा के निर्देश पर मंगलवार को क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ टीम ने शिविर लगाकर लोगों को आवश्यक दवाएं दीं। क्षेत्र के अंदुआ शनिवार, सेखुई गोबर्धन, खुरपहवा गांव में स्वस्थ टीम के प्रेम कुमार त्रिपाठी, राजीव त्रिपाठी, अनिल चौधरी, विपिन, प्रियंका पांडेय आदि ने 130 मरीजों का परीक्षण कर एंटी एलर्जिक, बुखार, खांसी, दस्त आदि की दवाएं दीं। फार्मासिस्ट प्रेम कुमार त्रिपाठी ने लोगों को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के साथ ही स्वच्छ जल पीने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अगर किसी बच्चे को बुखार आ जाए तो उसे तत्काल पीएचसी, सीएचसी पर जांच कराएं, दिमागी बुखार हो सकता है। संवाद