सिद्धार्थनगर। आपात स्थिति में ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं को लाभ मिल सके और ऊपर तक संक्रामक बीमारी की रिर्पोटिंग हो सके। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने गांव स्तर पर तंत्र को मजबूत बनाने की कवायद शुरू की है। हर गांव में स्वास्थ्य समिति होगी। इसमें आशा,आंगनबाड़ी के साथ ही विकास विभाग के लोग शामिल होंगे। मुख्यालय स्तर पर प्रशिक्षण का कार्य शुरू हो गया है। इसके बाद यही टीम गांव स्तर पर प्रशिक्षण देगी की आपदा के समय सबसे पहले क्या किया जाए और प्राथमिक उपचार कैसे किया जाएगा। जिले के 1136 ग्राम पंचायतों में टीम तैयार की जाएगी।
कोरोना संक्रमण काल के दौरान पूरी व्यवस्था अस्त व्यस्त हो गई थी। संक्रामक बीमारी में गांव स्तर पर आंगनबाड़ी और आशा वर्करों ने अहम भूमिका निभाई थी। अन्य आपदा और संक्रामक बीमारी फैलने पर लोगों को त्वरित और प्राथमिक स्तर पर इलाज शुरू हो सके। बीमारी के लक्षण क्या हैं, इसकी सही तरीके से स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्टिंग हो सके।
इसके लिए आशा वर्कर, आंगनबाड़ी के साथ विकास विभाग कर्मियों और गांव के पढ़े लिखे लोगों को मिलाकर गांव स्तर पर स्वास्थ्य टीम तैयार करने की कवायद शुरू हुई है। इसका उद्देश्य है बाढ़, कालरा सहित अन्य संक्रामक बीमारी फैलने पर टीम दवा पहुंचा सके। नजदीक स्वास्थ्य केंद्र को जानकारी दे। रोग के लक्षण को बता सके। जिससे बीमारी के रूप को जाना जा सके। इसके लिए पहले चरण में जिला स्तर पर नोडल प्रशिक्षित किए जा रहे हैं। फिर यह लोग ब्लॉक और गांव स्तर पर काम करने वाली टीम को प्रशिक्षित करेंगे। इससे जिले में 1136 स्वास्थ्य समितियों को एक मजबूत ढांचा तैयार हो जाएगा।
इस संबंध में सीएमओ डॉ. डीके चौधरी ने बताया कि गांव स्तर पर स्वास्थ्य समितियों का गठन किया जाएगा। जिससे आपात स्थिति में दवा औैर उपचार करने में सहूलिय मिले।