सिद्धार्थनगर। मोहर्रम की दसवीं तारीख को हक और बातिल (सत्य असत्य) के बीच कर्बला के मैदान में हुई जंग की यादगार के तौर पर मनाए जाने वाले गम के प्रतीक मोहर्रम को मनाने की तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। मोहर्रम की दसवीं के मौके पर शनिवार को जिले भर में ताजिया अलम ताबूत और जुलजनाह सहित विभिन्न जुलूस इमाम हुसैन के अनुयायियों द्वारा निकाला जाएगा। जुलूस हाय हुसैन, हाय कर्बला वालों, समूचा माहौल गमगीन रहेगा। कर्बला और प्रमुख स्थानों पर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहेंगे।
इमाम हुसैन की शहादत की याद में अकीदतमंद मरसिया, मजलिस नौहा- मातम करके अपने अपने तरीके से गम का इजहार करते हैं। लेकिन शिया बाहुल्य इलाकों का माहौल और भी दिल दहलाने वाला होता है। जिले के उपनगर हल्लौर का माहौल कुछ इसी तरह का पहली मोहर्रम से दिखाई दे रहा है।
निकाला गया मातमी जुलूस
आठवीं मोहर्रम बृहस्पतिवार की रात निकाला गया अलम और ताबूत का मातमी जुलूस दिल दहलाने वाला था। जुलूस में शामिल बच्चे, बूढ़े और जवान हर कोई छुरी और कमा के मातम से लहूलुहान दिखाई दे रहा था। हर किसी के जुबान से या हुसैन या अली या अब्बास की सदा ही निकल रही थी। शनिवार को आशूरा दसवीं मोहर्रम है। शुक्रवार की रात इमामबाड़ा, घरों और चौक पर ताजिया रखने के बाद दसवीं मोहर्रम को ताजियों को कर्बला ले जाकर दफनाया जाएगा।
कड़ी रहेगी सुरक्षा व्यवस्था
मोहर्रम की दसवीं शनिवार को ताजिया के जुलूस को सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने शहर व ग्रामीण क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किया है। जुलूस की डोन कैमरे से भी निगरानी की जाएगी। एसडीएम परमेंद्र कुमार और सीओ सुजीत राय ने शुक्रवार को डुमरियागंज क्षेत्र के कस्बा हल्लौर सहित विभिन्न मुस्लिम बाहुल्य गांवों में जाकर निरीक्षण किया। थानाध्यक्ष मुकेश कुमार राय ने क्षेत्रवासियों से मोहर्रम को परंपरागत तरीके से मनाने की अपील की है।