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Siddharthnagar News: लाॅक होती कार, खुला होता शीशा तो नहीं जाती बच्चे की जान

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- बोले मोटर मेकेनिक और सर्विस एडवाइजर, चार पहिया वाहन लॉक और हल्का डाउन कर दें शीशा
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- लापरवाही पड़ सकती है भारी, बच्चों ने अंदर से लाॅक किया तो जा सकती है घुटन से जान
- मोहाना थाना क्षेत्र के सहजनवां गांव में खड़ी वाहन में घुसने और अंदर से लॉक कर लेने से चली गई थी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अगर आपके पास चार पहिया वाहन है तो यह आपके लिए जरूरी खबर है। अगर गाड़ी घर या कहीं लेकर जा रहे हैं तो उसे खड़ी करके जाते वक्त लॉक जरूर करें। इसके साथ ही चारों तरफ शीशे को हल्का खोल दें। यही कार्य खराब पड़े वाहनों को खड़े करते समय भी करें। यह बहुत आवश्यक है। ऐसी मोटर मेकेनिक और सर्विस एडवाइजर सलाह दे रहे हैं। क्योंकि आपकी एक छोटी से चूक से किसी बच्चे की जान जा सकती है। जैसा मोहाना थाना क्षेत्र के सहजनवां गांव में हुआ है।
आगे किसी खुर्शीद की जान न जाए, इसके लिए यह सतर्कता बेहद जरूरी है। वहीं, मौत के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। हालांकि इस मामले में परिवार की ओर कोई किसी के खिलाफ कोई शिकायती पत्र नहीं दिया गया है।
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बोले मेकेनिक
कोई भी चार पहिया वाहन रखते हैं, तो उसको लेकर कई प्रकार से एहतियात बरतने की जरूरत है। गैराज में वाहन खड़ी करते हैं तो ऐसी जगह हो किसी आपात स्थिति में जहां से तत्काल निकाली जा सके। खड़ी करते समय वाहन को लॉक करना न भूलें, अगर लॉक नहीं करते हैं, तो चार तरफ शीशा कम से कम दो इंच डाउन कर दें, जिससे अगर कोई बच्चा अंदर बैठ भी जाए और लॉक कर ले तो उसे दिक्कत न हो। इस प्रकार से खराब वाहन के साथ करें। अगर घर पर है तो लॉक कर दें और ढककर रखें। ऐसा करने से कोई बच्चा उसमें जा नहीं पाएगा। यह सावधानी हर चार पहिया वाहन स्वामी को बरतने की जरूरत है।
-महेंद्र कुमार, कार मैकेनिक
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बोले सर्विस एडवाइजर
कार कहीं भी खड़ी करें तो लाॅक करना न भूलें। इससे दो फायदे होंगे पहले तो आपका सामान सुरक्षित रहेगा। दूसरे वाहन को कोई नुकसान नहीं पहुंच जा सकता है। इसके साथ ही प्रयास करें कि शीशी डाउन कर दें। कई बार लोग गाड़ी को खड़ी करके चले जाते हैं, उसमें बच्चे भी साथ ही रहते हैं। अगर बच्चों को छोड़कर जा रहे हैं। कार का शीशी डाउन करना न भूलें। ऐसा करने से बच्चे अंदर बंद नहीं होंगे। अगर कोई बच्चा अंदर से लॉक कर लिया तो अंदर गैस बनने से घुटन होती है, जिससे जान चली जाती है। रहीं बात आग लगने जैसी तो जबतक गाड़ी ऑन नहीं होती है आग लगने जैसी घटना नहीं हो सकती है।
-शैलेश श्रीवास्तव, सर्विस एडवाइजर, कार कंपनी
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यह है घटनाक्रम
बर्डपुर। मोहाना थाना क्षेत्र के सहजनवां गांव के पास एक मैरिज हाल के बगल में खराब पड़ी कार में 24 सितंबर को को पांच वर्षीय खुर्शीद की मौत दम घुटने से हो गई है। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने की वजह से खुर्शीद की मौत होना पाया गया है। वहीं, मौत के बाद परिवार के लोगों का रो- रोकर बुरा हाल है। मृतक के पिता शमशुल्लाह ने बताया कि तीन बच्चों में दूसरे नंबर का खुर्शीद सबसे नटखट था। एक साल पहले ही वह बर्डपुर आए थे, उससे पहले यूसुफपुर में रहते थे। बर्डपुर में ससुराल के नजदीक रहना और अच्छी देखभाल करने के लिए आए थे, लेकिन क्या पता था कि मेरा लड़का ही छिन जाएगा। वहीं, मां फरीदा ने बताया कि खुर्शीद 3.30 बजे यूसुफपुर से पढ़कर आया था। खाना खाने के बाद खेलने गया। वह मांस खाने की जिद कर रहा था, जिसके कारण मैं मांस लेने के लिए यूसुफपुर चली गई। घर आई तो पता चला कि खुर्शीद किसी गाड़ी में पड़ा था।
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नाना हैदर अली ने बताया कि खुर्शीद खेलने के लिए हमारे घर भी आया था हमारे नाती से कचरी नमकीन खाने को लेकर झगड़ा भी किया। वह अकेले खाने के लिए खेलने चला गया। वहीं, खुर्शीद की बड़ी बहन मोहिदा ने बताया कि खुर्शीद कचरी नमकीन खा रहा था छोटा भाई जुनैद भी मांग रहा है। उसको मारकर भाग गया। वह खेलने चला गया है। जुनैद ने बताया कि एक गाड़ी में खुर्शीद सो गया है। जब मैं भागकर गई गाड़ी खोलकर गोदी से उठाकर घर आई नाना और स्वजनों ने कुछ न बोलने पर अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
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