प्रकाशोत्सव के रूप में मनाई गई गुरु नानक देव की जयंती
बांसी। सिख पंथ के पहले गुरु, गुरु नानक देव की जयंती प्रकाशोत्सव के रूप में मंगलवार को अकबर नगर वार्ड स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन हुआ। रविवार की सुबह से चल रहे गुरु ग्रंथ साहब के अखंड पाठ का मंगलवार को समापन हुआ। सिमरन, भजन कीर्तन, अरदास एवं लंगर का आयोजन हुआ।
ज्ञानी कुलवंत सिंह ने गुरु नानक देव बताए मार्ग पर चलने की अपील की। उन्होंने कहा कि गुरु नानक की जयंती प्रकाश पर्व के रूप में मनाई जाती है, क्योंकि उन्होंने कुरीतियों और बुराइयों को दूर कर लोगों के जीवन में नया प्रकाश भरने का कार्य किया था। समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए अपने पारिवारिक जीवन व सुख का ध्यान न करते हुए दूर-दूर तक यात्रा की और लोगों को जागरूक किया।
कार्यक्रम को नपा अध्यक्ष मो. इद्रीश पटवारी, कवि डॉ. ज्ञानेंद्र द्विवेदी दीपक, डॉ. सुशील सागर, घनश्याम जायसवाल ने संबोधित किया। इस दौरान सरदार स्वर्ण सिंह, सभासद मंगल चौरसिया, मो इरफान सिद्दिकी, सरदार रावेंद्र सिंह लबली, गुरमीत सिंह, सरदार सन्नी सिंह, राकेश बग्गा, सरदार करण सिंह, अनुराग श्रीवास्तव ने मौजूद थे।