शोहरतगढ़। यूपी बोर्ड की परीक्षा 22 फरवरी से प्रस्तावित है। ऐसे में विद्यार्थियों को तैयारी के लिए अब समय बहुत ही कम रह गया है। समय सारिणी के अनुसार 23 फरवरी को नागरिक शास्त्र के प्रश्नपत्र की परीक्षा होनी है। इस विषय के विशेषज्ञ बोले कि नागरिक शास्त्र के पेपर में अच्छे अंक हासिल करने के लिए जरूरी नहीं की आप किताबी भाषा में उत्तर दें। आप अपनी भाषा में उत्तर दे सकते हैं, बशर्ते वह सटीक एवं सही हो।
शिवपति इंटर कॉलेज शोहरतगढ़ के नागरिक शास्त्र के शिक्षक राम बिलास यादव ने कहा कि नागरिक शास्त्र काफी रोचक विषय है। सिविल परीक्षाओं की दृष्टि से भी यह विषय महत्वपूर्ण है। राजनीति की समझ विकसित किए बिना हम अच्छे प्रतिनिधि का चुनाव नहीं कर सकते हैं। जब यहां नागरिक शास्त्र पढ़ाई की बात हो रही है, इसमें अच्छे अंक के लिए राजनीतिक समझ भी जरूरी है।
कहा कि शीतयुद्ध से बहुविकल्पीय एवं लघु प्रश्न तैयार करें। विश्व युद्ध के बाद 2 शक्ति गुटो का उदय, शीतयुद्ध की रणभूमि द्विध्रुवीयता की चुनौतियां, गुटनिरपेक्ष आंदोलन, अंतरराष्ट्रीय और शीत युद्ध से दीर्घ उत्तरीय प्रश्न संभव है। रूस उत्तर साम्यवादी राज्यों के साथ भारत का संबंध में महत्वपूर्ण है। सत्ता के वैकल्पिक केंद्र व समकालीन दक्षिण एशिया से 10 अंक के प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाएंगे ऐसे में इसका अध्ययन भी जरूरी है। पर्यावरण एवं वैश्वीकरण से लघु प्रश्न तैयार करें।
राजनीति में नए बदलाव पर दीर्घउत्तरीय प्रश्न तैयार करें। गुजरात का नवनिर्माण आंदोलन बिहार का आंदोलन न्यायपालिका से संघर्ष आपातकाल से भी कई प्रश्न परीक्षा में आना तय है। संयुक्त राष्ट्र संघ का पुनर्गठन भविष्य, पुनर्गठित संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत के स्थिति से भी प्रश्न आना संभव है।
महत्वपूर्ण बिंदुओं को लिखकर अभ्यास करें
परीक्षा के दौरान उन प्रश्नों को पहले हल करें, जिनका जवाब आपको आते हो, सैंपल पेपर व सॉल्वड पेपर को हल कर अपना मूल्यांकन करते रहें। समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें। इसके लिए बेहतर होगा कि टाइम टेबल बनाकर तैयारी करें। कठिन टॉपिक्स को पहले पढ़ें और आसान टॉपिक का रिवीजन करते रहें, प्रश्नों के उत्तर विभिन्न हेडिंग, बिंदुओं द्वारा देने से अच्छे अंक मिलने की संभावना बढ़ जाती है। परीक्षा में सभी प्रश्नों का उत्तर अवश्य दें, कोई प्रश्न छोड़ें नहीं।कहा कि अगर किसी टॉपिक को समझने या अन्य किसी तरह की दिक्कत आती है। तो बिना हिचकिचाहट अपने शिक्षक से मार्गदर्शन अवश्य लें।
घबराएं नहीं, ऐसे करें तैयारी
परीक्षा को लेकर छोटे-छोटे नोट्स बनाएं। बीच-बीच में उसे भी पढ़ते रहें। इससे जो पहले से तैयारी है, वह दिमाग में पुनर्स्थापित हो जाएगी। विषय के लिए छोटे-छोटे ग्रुप बनाएं और आपस में प्रश्नों को लेकर बात करें। ग्रुप डिस्कशन से आत्मविश्वास पैदा होगा। साथ ही प्रश्न गलत होने की संभावना समाप्त हो जाएगी। इन विषयों पर बराबर ध्यान दें और पर्याप्त समय दें। परीक्षा को बोझ न समझें और भयभीत न हों। आत्मविश्वास के साथ याद करें।