प्राकृतिक त्रासदी में हर पीड़ित के साथ खड़ी है सरकार : सीएम योगी
डुमरियागंज/भनवापुर(सिद्धार्थनगर)। अक्तूबर में बाढ़ आना अप्रत्याशित है। हमने पहली बार इस तरह की बाढ़ देखी है। बाढ़ प्रकृति की त्रासदी है। प्रत्येक नागरिक को राहत देना हमारी प्राथमिकता है। जब धान की फसल कटती है, तब फसल डूब गई हैं। लोग छतों पर रहने को विवश हैं। जिस समय रामलीलाएं होती थीं, उस समय हम बाढ़ की त्रासदी झेल रहे हैं। आपदा कि इस घड़ी में सरकार सभी पीड़ितों के साथ खड़ी है। प्रकृति की त्रासदी का सामना कर राहत देना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें कहीं कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी। भवनापुर ब्लॉक परिसर में राहत सामग्री वितरण के दौरान ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहीं।
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ राहत बचाव कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही- उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि युद्ध स्तर पर राहत व बचाव कार्य के लिए अधिकारियों को हिदायत दी गई है। आज हवाई सर्वेक्षण किया गया, जिसमें जिले के काफी गांव पानी से गिरे हैं और फसलें पानी में डूब चुकी है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जहां पर घरों में पानी भरा हुआ है, वहां पर सामूहिक किचन बनाकर बाढ़ पीड़ितों को भोजन और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
इस मौके पर सांसद जगदंबिका पाल, सदर विधायक श्याम धनी राही, शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा, पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि उपेंद्र सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद माधव, मंडलायुक्त अनिल कुमार, जिलाधिकारी संजीव रंजन, पुलिस कप्तान आनंद कुमार मौजूद थे।
सभी पीड़ितों को मिलेगी सरकारी मदद
मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को खाद्य सामग्री सहित साबुन माचिस जैसे रोजमर्रा उपयोग का सामान मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिनका घर बाढ़ के पानी से बह गया है या पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत एक लाख 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। किसी भी व्यक्ति की बाढ़ आपदा से मौत होने पर उनके परिजनों को ढाई लाख रुपये की सहायता तथा कृषि भूमि सर्वे के आदेश दिए गए हैं। प्रति हेक्टेयर फसल के नुकसान पर 18000 रुपये दिए जाएंगे। बाढ़ से अंग-भंग हुए व्यक्ति को 75 हजार से लेकर ढाई लाख रुपये तक सहायता दी जाएगी। दुधारू पशुओं की बाढ़ के पानी में डूब कर मौत होने पर भी मदद दी जाएगी। बाढ़ प्रभावित परिवारों के जानवरों के लिए भूसा-चारा की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
पहाड़ों पर हुई बारिश का पानी आने से विषम हुई स्थिति
पहाड़ों पर हुई बारिश का पानी आ जाने से यह विषम स्थिति उत्पन्न हुई है। राहत सामग्री के रूप में 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, 2 किलो अरहर की दाल, रिफाइंड तेल, 5 लीटर केरोसिन के अतिरिक्त भुना चना, प्लास्टिक की पन्नी वितरित की जा रही है। इसके अलावा टॉर्च, 1-1 धोती एवं साड़ी, बनियान भी उपलब्ध कराई जा रही है।
मायूस लौटीं महिलाएं
भनवापुर। मुुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र भनवापुर ब्लाक परिसर में बाढ़ राहत सामग्री वितरण का कार्यक्रम बृहस्पतिवार को हुआ। कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंच पाने के कारण कुछ महिलाएं मायूस लौट गईं। क्षेत्र की सरोथर कठौतिया की पूजा, भनवापुर की राजमती, अकाल मती, सरोथर कठौतिया की राजश्री ने बताया कि बाढ़ की वजह से चार किमी दूरी पैदल कार्यक्रम स्थल के करीब पहुंची, मगर सुरक्षा कर्मियों ने अंदर जाने से मना कर दिया। इससे बाढ़ राहत सामग्री नहीं मिल पाई। हालांकि, जिलाधिकारी संजीव रंजन ने कहा कि सभी बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाई जाएगी।