अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर विरोध जताया
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। इटवा में निर्मित हो रहे ग्रामीण न्यायालय के विरोध में आठवें दिन सोमवार को भी अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर विरोध जताया। बार एसोसिएशन डुमरियागंज के अध्यक्ष और महामंत्री की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने एसडीएम को तीन सूत्रीय ज्ञापन देकर शासन से ग्रामीण न्यायालय स्थापना के निर्णय को वापस लेने की मांग की।
एसडीएम को दिए गए ज्ञापन में मांग की है कि इटवा तहसील मुख्यालय पर ग्राम न्यायालय के गठन के फैसले को तत्काल वापस लिया जाए, क्योंकि इसके पहले से दो आउटलाइन कोर्ट चल रहा है। डुमरियागंज में मुनसिबी न्यायालय की स्थापना हुए लगभग 15 वर्ष बीत गए, लेकिन अब तक डुमरियागंज फौजदारी क्षेत्राधिकार डुमरियागंज सिविल कोर्ट को नहीं मिल पाया है।
शीघ्र अति शीघ्र डुमरियागंज सिविल कोर्ट को डुमरियागंज थाने का फौजदारी क्षेत्राधिकार दिलाया जाए। डुमरियागंज- इटवा की दूरी मात्र 15 किमी ही है, जबकि डुमरियागंज सिविल कोर्ट इटवा डुमरियागंज के आठ किलोमीटर के बीच में बनना प्रस्तावित है। इस कारण इटवा में ग्रामीण न्यायालय स्थापना का कोई औचित्य नहीं है।
इस दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष इंद्रमणि पांडेय, महामंत्री राम बहादुर यादव, विकास सिंह, रमन श्रीवास्तव, राजेश, मुनिश रिजवी, अशोक श्रीवास्तव, अवध बिहारी सिंह, राम पाल सिंह, पवन यादव, वशिष्ठ श्रीवास्तव मौजूद रहे।