फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: 157 पशुओं का चारा चर रहे जिम्मेदार

विज्ञापन
भनवापुर के बिजौरा स्थित गोशाला पशुओं से खाली पड़ा। संवाद
विज्ञापन
फोटो-
विज्ञापन

भनवापुर ब्लाॅक क्षेत्र के बिजौरा स्थित गोशाला कागज में चल रही
संवाद न्यूज़ एजेंसी

सिद्धार्थनगर। भनवापुर ब्लाॅक क्षेत्र के बिजौरा स्थित गोशाला को जिम्मेदार कागज में चलाकर सरकारी रकम की बंदरबांट कर रहे हैं। कागज में यहां की गोशाला में 157 पशु हैं। इनके नाम पर भूसा-दाना की रकम निकाली जा रही है। बृहस्पतिवार को गोशाला लगभग खाली नजर आई। आसपास की सड़कों पर बड़ी संख्या में छुट्टा पशु धमाचौकड़ी करते आए।
क्षेत्र के मोनू, पंकज, अभय, रमेश, अभिषेक, अवधेश आदि ने बताया कि बिजौरा स्थित गोशाला में पिछले चार माह से एक भी गोवंश नहीं हैं जबकि कागज में 157 गोवंश दर्ज हैं। कागज में दर्ज इन गोवंशों के नाम पर जिम्मेदार हर माह मोटी रकम की बंदरबांट कर रहे हैं।
विज्ञापन

आरोप लगाया कि जब कोई अधिकारी गोशाला का निरीक्षण करने के लिए आता है तो 40-50 छुट्टा पशुओं को लाकर यहां बंद कर दिया जाता है। अधिकारियों के जाते ही फिर उन पशुओं को खदेड़ दिया जाता है।
रामनाथ, गंगाराम, भुलई, राम नरायण, गोकरन आदि ने बताया कि गोशाला में एक भी छुट्टा पशु नहीं रहते हैं। ज्यादातर छुट्टा पशुओं ने सड़कों पर दिखते हैं। आएदिन मार्ग पर छुट्टा पशुओं से टकराकर यात्री घायल होते रहते हैं।
इस संबंध में बीडीओ भनवापुर आलोक दत्त उपाध्याय ने कहा कि बिजौरा गोशाला का चार दिन पूर्व निरीक्षण किया था। वहां पर्याप्त संख्या में पशु मिले थे। अगर लापरवाही बरती जा रही है तो निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

-
इंसर्ट-
पशुओं को रखने के लिए धन मांगने का आरोप
सिद्धार्थनगर। भनवापुर विकास क्षेत्र के ही जुवाराई में स्थापित गोशाला में पशु रखने के बदले लोगों से पैसा मांगने का आरोप लगा है। ग्राम मलदा निवासी घमालू यादव ने बताया कि वह अपनी गाय के बछड़े को गोशाला छोड़ने गए तो उनसे इसके एवज में पांच सौ रुपये की मांग की गई। किसान घमालू ने बताया कि पैसा न देने पर गोशाला पर मौजूद लोग पशुओं को वहां रखने से मना कर देते हैं। इस संबंध में एसडीएम डुमरियागंज प्रवेंद्र कुमार ने कहा कि आरोपों की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें