बांसी कोतवाली में दिसंबर में पकड़े गए थे बरेली गैंग के चोरी और लूट करने वाले गिरोह के चार सदस्य
लग्जरी गाड़ी से चलकर चोरी और लूट की वारदात को अंजाम देता था गिरोह
गैंगस्टर बनाने के बाद अब संपत्ति की जांच की तैयारी, फिर अपराध से अर्जित संपत्ति की जाएगी जब्त
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बरेली से आकर जिले में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले बरेली गैंग के सदस्यों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की है। अब पुलिस अपराध से अर्जित संपत्ति के बारे में जांच करेगी। इसके बाद वहां के स्थानीय प्रशासन के सहयोग से संपत्ति के जब्त करने की कार्रवाई करेगी। दिसंबर माह में इस गैंग ने डुमरियागंज और बांसी और खेसरहा में कई चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।
बांसी कोतवाली क्षेत्र के थुम्हवा और डुमरियागंज थाना क्षेत्र में 20 से 24 दिसंबर के बीच चोरी की दो वारदात हुई थी। इसमें थुम्हवा में चोरी करते हुए एक बदमाश को ग्रामीणों ने पकड़ लिया था। इसके बाद टीम उनकी धर पकड़ में लगी थी कि 25 दिसंबर एसओजी और बांसी कोतवाली की पुलिस ने बांसी-डुमरियागंज मार्ग पर स्थित सरयू नहर के पास से देर शाम दबोच लिया। पकड़े गए बदमाशों के साथ एक महिला भी थी, जो ठहरने पर इनका सहयोग करती थी। इनके कब्जे से चोरी के नकदी, आभूषण बरामद किया गया है। इन्होंने डुमरियागंज, बांसी और खेसरहा में वारदात करने की बात को स्वीकार किया था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान शान मोहम्मद अंसारी उर्फ नीलू अंसारी निवासी मोहल्ला एजाज नगर गौटिया थाना बारादरी जिला बरेली, सादिक अली, आलम और नसीबन पत्नी अजमत अली उर्फ दुलारे निवासी गढि़या पैगंबरपुर थाना हजरतपुर जिला बंदायू के रूप में हुई।
शान मोहम्मद अंसारी उर्फ नीलू अंसारी गैंग लीडर था, जो बरेली से गैंग चलाता है। वह 25 हजार ईनामी भी था है। मौजूदा समय में आरोपी जेल में हैं। गैंग की कमर तोड़ने के लिए बांसी पुलिस ने इन्हें गैंगस्टर बनाते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। जिससे इनकी ओर से अपराध से कमाई गई संपत्ति को भी जब्त किया जा सके। पुलिस ने गैंग पर कार्रवाई करने के बाद अब संपत्ति की जांच के लिए कागजी कार्रवाई शुरू की है। बरेली स्थानीय प्रशासन के सहयोग से संपत्ति के बारे में जानकारी लेगी। इसके बाद आगे जब्ती आदि की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में कोतवाली विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है। अब संपत्ति की जांच के लिए कागजी कार्रवाई शुरू की जा रही है। जिससे अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त किया जा सके।
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इस प्रकार से वारदात को अंजाम देता था गिरोह
पकड़े गए बदमाश गैंग बनाकर चार पहिया वाहन से अपने जनपद से काफी दूर के जनपदों में जाकर वहां के रेलवे स्टेशन व बस अड्डे पर वाहन को खड़ा कर ई-रिक्शा व टैंपो से शाम को भ्रमण कर ऐसे घरों की रेकी करते हैं। जो सड़क से काफी दूर न हो तथा बड़े हो को तय निश्चित करते हैं। इसके बाद वारदात को अंजाम देते हैं।
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कॉल नहीं फोन पर लोकेशन देकर बुलाते थे वारदात के समय
यह गैंग पुलिस की सोच से दो कदम आगे चलता है। यह लोग मोबाइल का प्रयोग बात करने में नहीं करते हैं। केवल दो मोबाइल फोन लेकर आते हैं। एक मोबाइल गाड़ी में रहता है तथा दूसरा फोन गैंग लीडर नीलू उर्फ शान मोहम्मद के पास रहता है फोन बंद रहते हैं। वाई-फाई डिवाइस जो चार पहिया वाहन में लगी है, उसका इस्तेमाल करते हैं। हम लोग विशेष प्रकार के कटर व अन्य संसाधनों का प्रयोग कर तय निशाना बनाए गए घरों में चोरी करने के उपरांत चालक व अन्य साथियों को फोन आन कर लोकेशन भेजकर बुलाकर भाग जाते हैं। शान मोहम्मद अंसारी उर्फ नीलू अंसारी किसी अन्य जनपद में घटना करने के लिए लेकर जा रहा था तभी पकड़ लिए गए।
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स्थान बदलकर देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस के मुताबिक पकड़ा गया गिरोह स्थान बदलकर वारदात को अंजाम देता था। पूछताछ में इन्होंने बताया कि वह बरेली, दिल्ली, शाहजहांपुर जनपद में चोरी की वारदात में जेल भी जा चुके हैं। यह एक जनपद से दूसरे जनपद में जाकर घटना करते हैं और कुछ दिनों तक नहीं दिखते हैं।