हादसे की वजह बन रहे सड़क पर बैठे-घूमते छुट्टा पशु
सिद्धार्थनगर। छुट्टा पशुओं की वजह से सड़क हादसे हो रहे हैं। कहीं हादसे में मौत हो रही है तो कहीं अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा है। जिले में सांड़ के हमले से दो लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन छुट्टा पशुओं सेे निजात दिलाने में अधिकारी रुचि नहीं ले रहे हैं।
छुट्टा पशुओं से फसलों के नुकसान के साथ ही लोगों की जान खतरे में पड़ रही है। स्थिति यह है कि वाहन चालक खाली सड़क में भी रफ्तार बढ़ाने से डरते हैं और सफर तय करने में ज्यादा समय लग रहा है।
तुलसियापुर प्रतितिधि के अनुसार, सड़क पर जगह-जगह बैठे छुट्टा पशु हादसे की वजह बन रहे हैं। एनएच-730 पर पशुओं के बैठने से आए दिन बाइक चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं। पिछले साल चार मार्ग दुर्घटनाओं में चार गोवंशीय पशुओं के अलावा दो बाइक चालक भी अपनी जान गंवा बैठे थे।
छह जून को ढ़ेबरुआ थाना क्षेत्र के मानपुर निवासी अनिल चौधरी रात में बाइक से शोहरतगढ़ से मानपुर आ रहे थे। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के परसा पहुंचते ही एनएच पर बैठे गोवंशीय पशु से टकराकर घायल हो गए और पशु की मौके पर ही मौत हो गई थी। गत वर्ष 22 जून को शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के खैरा बाजार निवासी विजय कुमार बाइक से बढ़नी से अपने घर जा रहे थे। ढेबरूआ थाना क्षेत्र के औदही कला के पास एनएच-730 पर बैठी गाय से टकरा कर गंभीर रूप से घायल हो गए और बढ़नी पीएचसी में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। गाय की भी मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी।
ढेबरूआ थाना क्षेत्र के औदही कलां निवासी राजू गुप्ता गत वर्ष 16 अगस्त को बाइक से तुलसियापुर चौराहे से औदही कला जा रहे थे। औदही कला मोड़ पर एनएच-730 पर बैठी गाय से टकरा गए और घायल हो गए। वहीं गाय की भी मौत हो गई थी। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के लौसा निवासी श्याम सजीवन बेकरी पर काम करते थे। गत वर्ष 28 अगस्त को रात में बेकरी का सामान बेचकर ढेबरुआ थाना क्षेत्र के चरिहवां जा रहे थे। मदरहिया के पश्चिम गोवंशीय पशु से टकराने से श्याम सजीवन व पशु दोनों की मौत हो गई थी।
सांड़ के हमले दो की गई थी जान
भनवापुर प्रतिनिधि के अनुसार, त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र चंदन जोत निवासी रामहेत चौरसिया (80) की सांड़ के हमले से मौत हो गई थी। इसके पहले ही सांड़ के हमले से क्षेत्र के कई लोग घायल हो गए थे। उसका प्रतिनिधि के अनुसार, थाना क्षेत्र के गिरधरपुर गांव में तीन माह पहले रणविजय सिंह पर सांड़ ने हमला कर दिया था, इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था। जोगिया प्रतिनिधि के अनुसार, 20 दिन पहले छुट्टा पशु के अचानक सड़क पर आ जाने से बाइक सवार युवक घायल हो गया था। स्थानीय लोगों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया था।
कम हो गई है वाहनों की रफ्तार
तुलसियापुर। बीच सड़क पर पशुओं के जमावड़े से वाहन चालकों के साथ राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय वाहनों से पशुओं के टकराने की घटनाएं आम हो गई हैं। वहीं, दिन में पशुओं के सड़क पर होने से की समस्या उत्पन्न होती है। इससे यातायात प्रभावित होता है। वाहन चालकों के अनुसार, छुट्टा पशुओं के कारण उन्होंने वाहनों की रफ्तार कम कर दी है।
सड़कों पर इधर-उधर घूमने से वाहन चालकों को परेशानी तो होती ही है, अक्सर कोई न कोई पशु हाइवे पर बीच सड़क में ही बैठकर जुगाली करता नजर आता है। ऐसे में किसी के लिए भी संभलकर चलना आसान नहीं रह जाता। इस स्थिति में कई बार हादसे होते-होते बचे है। -नजरे आलम, बस चालक
सड़कों पर छुट्टा पशुओं से केवल बाइक या साइकिल सवार ही नहीं बड़े वाहन चालक परेशान होते हैं।आए दिन वाहन दुर्घटनाएं हो रही हैं।कई वाहन चालक/सवार छुट्टा पशुओं की चपेट में आने से अपनी जान भी गंवा चुके हैं। छुट्टा पशुओं के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी करनी पड़ गई है। -मयंक शुक्ल, कार चालक