सिद्धार्थनगर। यूपी बोर्ड की परीक्षा 22 फरवरी से प्रस्तावित है। ऐसे में विद्यार्थियों को तैयारी के लिए अब समय बहुत कम रह गया है। टाइमटेबल के अनुसार 27 फरवरी को गणित विषय के प्रश्नपत्र की परीक्षा होनी है। इस विषय के विशेषज्ञ बोले कि गणित में सूत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। गणित एक ऐसा विषय है, जो ज्यादातर छात्रों को कठिन लगता है। कहा भी जाता है कि गणित के सवालों को हल करने में बड़े-बड़ों का पसीना छूट जाता है। ऐसे में विधार्थी अधिक अंक लाने के लिए क्या कर सकते हैं और उन्हें किस प्रकार की तैयारी करनी चाहिए।
इस विषय पर शिवपति इंटर शोहरतगढ़ के वरिष्ठ शिक्षक हरिईश्वर बाजपेयी ने कहा कि गणित के प्रश्नपत्र में प्रश्नों को हल करने के लिए गणितीय सूत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रश्नों को ध्यान से पूरा पढ़ें। देखें कि उसमें क्या दिया है, क्या पूछा गया है और जो तथ्य पूछे गए हैं। उन्हें किन सूत्रों के प्रयोग से हल किया जा सकता है। यह निर्णय आप तभी ले सकते हैं। जब-जब आपको सूत्र अच्छी तरह याद होंगे।
सूत्र के बिना प्रश्नों को हल करना संभव नहीं है। इसलिए सभी अध्यायों के सूत्र उनके संकेतांकों के अर्थ सहित याद करें। उत्तर पुस्तिका में प्रश्नसंख्या पूरा लिखें। लघु उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर में यदि हल की आवश्यकता है तो हल भी करना चाहिए। जिन प्रश्नों के हल में चित्र की जरूरत हो, उनमें जरूर बनाएं।
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अच्छे से समझें और मेजर सिलेबस को टुकड़ों में बांट लें
शिक्षक ने कहा कि सभी जरूरी फार्मूले को लिस्ट याद करें। अभ्यास के लिए पिछले सालों के पेपर को हल करते रहें। अन्य मॉडल पेपर को भी हल करने अभ्यास करें। आखिरी समय में रिवीजन जरूर करें। परीक्षा में पहले 15 मिनट में देख लें, कौन से सवाल कठिन लगते हैं। उन्हें सबसे बाद में हल करें। इससे समय प्रबंधन भी ठीक रहेगा। अधिक अंक हासिल करने के लिए उन सवालों के उत्तर जल्द दें, जो पूरी तरह से आते हैं। साथ ही क्रमांक ठीक से लिखें।
रचनाओं में डॉट लाइन का प्रयोग जरूर करें। साथ ही चापों का विशेष तौर पर ध्यान रखें। रचना लिखने के बाद एक बार पढ़ें जरूर। उत्तर लिखते समय दाएं व बाएं दोनों पेज का प्रयोग करें। चित्र नामांकित व साफ बनाएं। मेंसुरेशन व त्रिकोणमिति में जिस सूत्र का प्रयोग करें, उसे दायीं ओर जरूर लिख दें। गणित की तैयारी के लिए रचनाएं, सांख्यिकी, मेंसुरेशन को अच्छे से पढ़ लें।
सवालों का खूब अभ्यास कर लें। एक-एक अंक वाले सवालों के जवाब जरूर दें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी रोजाना पढ़ाई का लक्ष्य निर्धारित करें और समय सारिणी बनाकर पढ़ाई करें। अगर किसी टॉपिक को समझने या अन्य किसी तरह की दिक्कत आती है। तो बिना हिचकिचाहट अपने शिक्षक से मार्गदर्शन अवश्य लें।