फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: पूर्व विधायक शिवलाल का परिवार जी रहा है साधारण जीवन

Thu, 29 Feb 2024 12:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। भाजपा के ईमानदार नेताओं में शामिल पूर्व विधायक शिवलाल मित्तल का आज कोई नाम भी नहीं लेता है। जनता पार्टी से 1777 और भाजपा से 1991 में दो बार विधायक रहे शिवलाल मित्तल को गुजरे 10 साल से ज्यादा हो गए हैं। लेकिन यदि इनके बारे में किसी से पूछ लीजिए तो वह तुरंत बताता है कि वह बहुत ईमानदार और व्यवहारकुशल नेता थे। इतने दमदार और कद्दावर नेता होने के बाद भी मौजूदा समय में शिवलाल जी का परिवार उपेक्षा के कारण साधारण जिंदगी जी रहा है। उनके बड़े बेटे श्याम सुंदर मित्तल जेनरेटर रखे हुए हैं और शादी विवाह में जेनरेटर से जो किराया मिलता है। उसी से अपना घर चला रहे हैं। कभी कभार उनको किसी आयोजन में बुला लिया जाता है, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया जाता।
विज्ञापन

बड़े बेटे अभी भी चलते हैं साइकिल से
पूर्व विधायक शिवलाल मित्तल के परिवार में उनके 6 लड़के और 3 लड़कियां थीं। इसमें एक लड़के और एक लड़की अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनके बड़े बेटे श्याम सुंदर मित्तल साधारण जीवन व्यतीत कर रहे हैं। बाकी भाई भी अपने व्यवसाय में लगे हुए हैं। श्याम सुंदर मित्तल जी की उम्र करीब 65 वर्ष है। सफेद दाढ़ी में उम्र का तकाजा चेहरे पर साफ दिख रहा था। वह जेनरेटर रखे हुए हैं। शादी विवाह में उस जेनरेटर को किराए पर भेजते हैं। उससे जो रुपये मिलता है उससे अपना और परिवार का खर्चा चलाते हैं। वह ठीक से चल नहीं पाते तब भी शाम को सब्जी लेने के लिए साइकिल से ही जाते हैं। उनका जेनरेटर घर के बाहर रखा हुआ था। बरामदे की दीवार में हटे हुए पेंट से सीमेंट की दीवार दिखाई दे रही थी।
विनम्र स्वभाव के श्याम सुंदर मित्तल से पूछा कि ऐसी जिंदगी क्यों हैं। तो चेहरे पर तनाव के साथ गुस्सा भी झलकने लगा। उपेक्षा के कारण तनाव स्वाभाविक है। वह गुस्से में बोले-पिताजी का किसी भी आयोजन में आज नाम तक नहीं लिया जाता। वे इतने ईमानदार थे कि उन्होंने परिवार के लाभ के लिए कभी कोई गलत काम नहीं किया। इसके कारण पूरा परिवार साधारण जीवन जी रहा है। नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि कभी कभार किसी आयोजन में उन्हें बुला लिया जाता है, लेकिन बोलने नहीं दिया जाता।
विज्ञापन

पूर्व विधायक का राजनीतिक सफर
1967 में इटवा से जनता पार्टी का चुनाव लड़ कर शिवलाल मित्तल जी ने अपना राजनीतिक कॅरिअर शुरू किया था। पहली बार विधायक बनने के पहले वह आपात काल के दौरान मीसा बंदी थे। उस दौरान करीब 18 महीने तक वह जेल में रहे। उनके संघर्षों की फेहरिस्त बहुत लंबी है। इन्हीं संघर्षों के बलबूते वह 1977 में जनता पार्टी से चुनाव जीतकर शोहरतगढ़ से विधायक चुने गए। कहते हैं उस समय उनकी पार्टी में तूती बोलती थी। क्षेत्र की जनता के लिए वह हमेशा डटे रहते थे। अपनी इसी कार्यशैली की बदौलत वह 1991 में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से लड़े और विधानसभा चुनाव में दोबारा जीत दर्ज की।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें