चार करोड़ के सड़क निर्माण में टेंडर का खेल
- ई-टेंडरिंग से बचने के लिए कार्य को 11 भागों में बांटा गया
- हाइडिल तिराहे से पेट्रोल पंप तक सड़क निर्माण का मामला
- सांसद की शिकायत पर डीएम ने एसडीएम नौगढ़ को सौंपी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शहर के हाइडिल तिराहे से पेट्रोल पंप तक की मुख्य सड़क के निर्माण की निविदा प्रक्रिया में अनियमितता का मामला सामने आया है। सांसद जगदंबिका पाल ने इसकी शिकायत डीएम संजीव रंजन से की है।
आरोप है कि शासन की ओर से सड़क निर्माण के लिए चार करोड़ रुपये दिए गए। ई-टेंडरिंग प्रक्रिया से बचने और मनमाने तरीके से चहेते ठेकेदार को कार्य देने के लिए एक ही सड़क को 11 भाग में बांटकर निविदा कराई गई। अब डीएम ने एसडीएम नौगढ़ को मामले की जांचकर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
नगर पलिका सिद्धार्थनगर की हाइडिल तिराहे से सिद्धार्थ तिराहा होते हुए पेट्रोल पंप तिराहे तक मुख्य सड़क का वर्तमान में निर्माण हो रहा है। सड़क के निर्माण के लिए शासन की तरफ से 15वें वित्त आयोग की धनराशि दो-दो करोड़ की दो किस्तों में नगर पालिका को आवंटित किया गया है।
नगर पालिका के सड़क निर्माण कार्य के नियमों के अनुसार 40 लाख रुपये अथवा इससे अधिक धनराशि के कार्य के लिए ई-टेंडरिंग प्रक्रिया होती है। इससे कम धनराशि के कार्य नगर पालिका अपने स्तर से स्थानीय समाचार पत्रों में निविदा प्रकाशित कर करा सकती है।
इसी का फायदा उठाते हुए नगर पालिका की तरफ से एक ही सड़क निर्माण के लिए शासन से मिले चार करोड़ की धनराशि के कार्य को 39.90 -39.90 लाख रुपये 11 भाग में बांटकर मनमाने तरीके से निविदा कर दिया। हाइडिल तिराहे से पेट्रोल पंप तक एक ही सड़क को 11 खंड में बांट कर एक ही ठेकेदार को निविदा आवंटित कर दी गई। सांसद जगदंबिका पाल ने इसकी शिकायत डीएम से की है। डीएम ने इस मामले की जांच के लिए एसडीएम नौगढ़ को जिम्मेदारी दी है।
अलग-अलग नहीं की जा सकती निविदा प्रक्रिया
अधिवक्ता प्रशस्ति उपाध्याय का कहना है कि बिना शासन के अनुमति के नगर पालिका स्तर पर एक निर्माण कार्य को अलग-अलग भाग में बांटकर निविदा प्रक्रिया नहीं की जा सकती है। अगर एक ही सड़क को 11 भाग में बांटकर निविदा की गई तो एक ही ठेकेदार को ही सभी कार्य कैसे मिल गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चहेते ठेकेदार को कार्य दिलाने के लिए नियमों को दरकिनार कर निविदा प्रक्रिया पूरी की गई।
ऐसे बांट दिया एक ही सड़क
शहर के हाइडिल तिराहे से पेट्रोल पंप तक की मुख्य सड़क को 11 हिस्से में बांटकर टेंडर किया गया है। एक्सिस बैंक से मिश्रा मेडिकल एजेंसी तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य, मिश्रा मेडिकल एजेंसी से नौगढ़ ब्लॉक गेट तक सड़क चौड़ीकरण कार्य, नौगढ़ ब्लॉक गेट से जीपीएम हॉस्पिटल तक सड़क चौड़ीकरण कार्य और जीपीएम हास्पिटल से ड्रेनेज खंड गेट तक सड़क चौड़ीकरण आदि कार्य शामिल हैं। इनमें सभी कार्य 40 लाख से कम और 39 लाख रुपये से अधिक के हैं।
अभी भी अधूरा है सड़क निर्माण कार्य
शहर के हाइडिल तिराहे से पेट्रोल पंप तिराहे तक दो किमी लंबी सड़क के निर्माण के लिए शासन से दो करोड़ की पहली किस्त 29 मई 2020 को जारी की। इसके बाद 12 नवंबर 2020 को दो करोड़ की दूसरी किस्त जारी की गई। 27 मार्च 2021 को सड़क निर्माण का टेंडर प्रकाशित कर ठेकेदार को कार्य आवंटित किया गया। वर्तमान में गोबरहवा मोड़ से आगे एवं रेलवे क्रासिंग के दोनों तरफ सड़क निर्माण कार्य अधूरा है। बीच में डिवाइडर और किनारे के फुटपाथ का निर्माण नहीं हो सका है।