सिद्धार्थनगर। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी ने बुद्धनगरी में ठंड बढ़ा दी है। बृहस्पतिवार को सीजन में पहली बार घना कोहरा सुबह 11 बजे तक छाया रहा। इसका प्रभाव रहा कि सड़कों पर 50 मीटर की गाड़ियां भी दिखाई नहीं दे रही थीं और चालकों को रफ्तार धीमी करनी पड़ी। कोहरा के कारण धूप का असर कम हुआ तो दिन में ठंड भी बढ़ गई। मौसम में बदलाव से लोगों की दिनचर्या भी बदली, जबकि ठंड से फसल को फायदा की उम्मीद बढ़ने से किसानों को तसल्ली हुई।
अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले अधिकतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस था। हालांकि, रात के तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। न्यूनतम तापमान 13.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस था। मौसम विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार ऊपर कोहरे की परत होने के कारण धरती की उष्मा ऊपर नहीं जा रही है, इस कारण रात के तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा, जबकि दिन में ठंड का असर बढेगा।
राज्य कृषि मौसम केंद्र के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि हवा की दिशा पश्चिमी है, लेकिन स्थिर है। इस कारण कोहरा छाया हुआ है।
फिर बदली दिनचर्या
तेज धूप की बजाए दिन में कोहरा छाने से मौसम का मिजाज बदल गया। इससे किसान भी खुश हैं। बसंत ऋतु जैसा मौसम होने और कोहरा शीतलहर न पडने से रबी की फसल प्रभावित होने की संभावना किसानों को चिंता का सबब बनी हुई थी। बृहस्पतिवार की सुबह मौसम ने एकाएक करवट बदली और सुबह की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई। कोहरा,शीतलहर शुरू हो जाने से जहां ठंड बढ़ गई, वहीं गेहूं, मटर, सरसों सहित रबी की फसलों के लिए फायदेमंद होगा। माना जा रहा है कि गेहूं की फसल तेजी से विकसित होगी। किसानों के चेहरे पर रौनक आ गई है। लोटन क्षेत्र के भरनी गांव के परशुराम ने कहा कि कोहरा और ठंड की शुरुआत से बड़ी तसल्ली हुई है। इससे फसल बचने की उम्मीद जगी है।
सुबह घना कोहरा होने से लोगों को सूर्य देव के दर्शन करीब 9 बजे के आसपास हुआ,लेकिन उसके बाद कोहरा था। धूप निकलने के बाद भी दिनभर गुलाबी ठंड का असर दिखा। ठंड से बचने के लिए लोग स्वेटर, जाकेट, टोपी पहने दिखे। पूरे दिन पार्क में भी रौनक रही। कोहरा व शीतलहर शुरू होने से किसान भी शुख हो गए हैं। कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि विशेषज्ञ डॉ मारकंडेय सिंह ने बताया कि शीतलहर न होने से गेहूं की फसलों का विकास नहीं हो पा रहा था। बृहस्पतिवार से कोहरा शीतलहर पड़ना शुरू हो गया है। इससे गेहूं सहित रबी की फसलों के लिए ओस की बूंदें काफी फायदेमंद साबित होगी। किसान अपनी खेतों की देखभाल सही ढंग से करें।