भनवापुर। लगातार बढ़ रहे राप्ती के जलस्तर के साथ ही लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। शुक्रवार को क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव बाढ़ से घिर जाने के कारण मुख्यालय से कट गए है। रास्तों पर पानी भरने से आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों को अब राहत की दरकार है, साथ ही आवागमन के लिए नाव उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।
नेपाल में बारिश के बाद राप्ती नदी का जलस्तर लगातार तेजी से बढ़ रहा है। इससे क्षेत्र के शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग पर रमवापुर उर्फ नेबुआ से लेकर करीब डेढ़ किमी दूरी तक व जूड़ीकुइयां से बिजौरा तक करीब 500 मीटर दूर तक दो से ढाई फीट राप्ती के बाढ़ का पानी बह रहा है। धनोहरा, पेंड़ारी मुस्तहकम, मछिया मुसृतहक, सोनखर डीह, चंदनजोत, कोहल गोनकोट, धनोहरा गांव पूरी तरह से बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं।
क्षेत्र के शिव प्रकाश मौर्या, सलमान मलिक, जुबेर मलिक नफीस, फजल, राजू, राधेश्याम, शिव कुमार, मनोज कुमार, मुकेश गौतम आदि ने बताया कि शुक्रवार को बाढ़ का पानी काफी बढ़ गया है।
बाढ़ प्रभावित विद्यालयों के बच्चों सुरक्षित स्थानों पर पढ़ाने का निर्देश
ब्लाॅक क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में बाढ़ का पानी भरने से बच्चों का पठन-पाठन ठप हो गया है। शुक्रवार को क्षेत्र के जूड़ीकुइयां, बेलवा दरिया बख्स, चंदनजोत, जुड़वनियां, तेनुई, डिवलीडीहा चौबे, पिकौरा, वीरपुर एहतमाली, पेंड़ारी मुस्तहकम, सोनखर, परिषदीय विद्यालयों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। इन विद्यालयों में अध्ययनरत करीब एक हजार बच्चों को गांव के ऊंचे सुरक्षित स्थानों पर पढ़ाने का निर्देश बीईओ बिंदेश्वरी प्रसाद मिश्र ने दिया है। इसीक्रम पं. मदन मोहन मालवीय इंटर कालेज व डॉ. राम मनोहर लोहिया कन्या इंटर काॅलेज सिरसिया के परिसर में भरे बाढ़ के पानी के कारण स्कूल बंद हो गया है।