उडवलिया हनुमान मंदिर से निकली कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालु। संवाद
सिद्धार्थनगर। बांसी तहसील के (चेतिया) उड़वलिया स्थित सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर पर पांच दिवसीय हनुमान महायज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इस दौरान गाजे-बाजे के साथ श्रीराम की झांकी भी निकाली गई। कार्यक्रम के तहत पांच दिन तक दिन में यज्ञ व रात में वृंदावन के कलाकार रासलील का मंचन करेंगे। ज्येष्ठ माह के पहले मंगलवार नौ मई को भव्य भंडारा और मेला के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।
यज्ञ स्थल सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर से कलश यात्रा में शामिल सैकड़ों महिलाएं शामिल हुईं। श्रद्धालु कतारबद्ध चल रहे थे। गुलाल-अबीर उड़ाते हुए गाजे-बाजे के साथ आगे प्रभु श्रीराम की झांकी चल रही थी। जो आकर्षण का केंद्र रहा। कलश यात्रा मऊ, अशोगवा, रतनपुर होते हुए महरथा घाट पहुंची। बूढ़ी राप्ती से जल भरने के बाद यात्रा वापस कार्यक्रम स्थल पर पहुंची। जहां पर कथावाचक आचार्य राधेश्याम शरणदास ने कलश का विधि-विधान से पूजा-पाठ कराया। सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर मेला समिति के उपाध्यक्ष आदर्श श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारियों की अगुवाई में कलश यात्रा निकाली गई। आदर्श ने बताया कि विगत 40 साल से निरंतर मंदिर पर मेला लगता आ रहा है। पहली बार हनुमान महायज्ञ का आयोजन हुआ है। उन्होंने बताया कि दिन में कथावाचक द्वारा प्रवचन और रात आठ बजे से प्रभु इच्छा तक रासलीला होता है। इस दौरान समिति अध्यक्ष राजू बारी, किशन निषाद, मंटु केवट, रामराज निषाद, शंभू प्रसाद, दुर्गेश मद्धेशिया, विक्रम, अनिल मौजूद रहे।