सिद्धार्थनगर। परिवहन निगम के सिद्धार्थनगर डिपो में दो नई बसे मिली है, जबकि उम्र और निर्धारित दूरी पूरी होने के कारण पांच बसों की नीलामी होने वाली है। ऐसी स्थिति में कई रूटों पर बस बंद होने की नौबत आ गई है।
रोडवेज के बेड़े में बसों की कमी से वाराणसी सहित कई रूटों पर बस नहीं चलती है। इस स्थिति में रोडवेज को दो नई बसे मिल तो गई है, लेकिन परिवहन विभाग उन बसों को चलाने के लिए रूट का निर्धारण नही कर पा रहा है, जबकि अगस्त माह में पांच बसों के संचलन आयु पूर्ण होने से गोरखपुर-बस्ती मार्ग पर संचालन बंद होने की आशंका है।
सिद्धार्थनगर रोडवेज के डिपो में दो और बसों के आ जाने से संख्या 45 बसे हो गई है, लेकिन अगस्त माह में पांच बसों की मियाद पूरी हो जायेगी। एक बस की मानक उम्र 15 वर्ष व 11 लाख किलोमीटर होती है। दोनों समय पूरा होने पर बस की नीलामी कर का नियम है। जबकि पांच बसों में से चार बस गोरखपुर रूट पर व एक बस बस्ती रूट पर चलती है। ऐसे में दो बसे किस रूट पर चलाई जाएगी ये तय कर पाना मुश्किल है। ऐसे में गोरखपुर बस्ती रूट के यात्रियों के लिए सफर मुश्किल हो सकता है।
डिपो से पहले से ही वाराणसी, लोटन, सिंगारजोत, बहराइच रोड पर पहले से ही बसे नहीं चल रही है। पांच बसों में से चार बस गोरखपुर के लिए व एक बस बस्ती रूट पर चलती है। रोडवेज से पहले से ही बस्ती रूट के लिए एक और बस मांगी जा रही है, लेकिन बसों की संख्या कम होने से अभी तक बस नहीं बढ़ाई गई। सावन के महीने में यहां से 300 से 400 श्रद्धालु प्रतिदिन वाराणसी की यात्रा करते हैं, लेकिन बस न होने से लोगाें को गोरखपुर जाकर यात्रा शुरू करनी पड़ती है। उसके बाद वहां से ट्रेन या बस से यात्रा करनी पड़ती है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वर्जन
दो बसे नई आई हैं, जिन्हें बंद रूटों पर चलाया जाएगा। अभी और नई बसों की मांग की गई है। जल्द ही बसों को पूरा करके सभी रूट पर संचालन शुरू किया जाएगा।
-कैलाश कुमार, एआरएम