एसओजी और जोगिया पुलिस की संयुक्त टीम के साथ शुक्रवार भोर में हुई मुठभेड़ में महिला से सामूहिक दुष्कर्म के तीन आरोपी गोली लगने से घायल हो गए। ककरही पुल के पास हुए इस मुठभेड़ में तीनों आरोपियों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनसे पूछताछ के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म में शामिल दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों के पास से तीन तमंचा, कारतूस, महिला से लूटे गए आभूषण और नकदी बरामद हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में बताया कि 25 जून को एक महिला ने थाना जोगिया उदयपुर में तहरीर दी थी। उसके अनुसार, वह दिल्ली से अपने एक मित्र से मिलने सिद्धार्थनगर आयी थी। 24 जून को दिल्ली लौटने के लिए वह मित्र के साथ बाइक से बांसी बस अड्डा जा रही थी। बांसी-नौगढ़ मार्ग पर सुनसान स्थान पर कुछ युवकों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उसका मोबाइल, रुपये, आभूषण व सामान छीन लिए। महिला की तहरीर पर पुलिस सामूहिक दुष्कर्म, लूट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसओजी, जोगिया पुलिस सहित कई टीमें लगाई गईं।
इसी बीच एसओजी प्रभारी शेषनाथ यादव को बृहस्पतिवार देर रात मुखबिर से आरोपियों के बारे में जानकारी मिली। इस पर सर्विलांस सेल प्रभारी सुरेंद्र सिंह के साथ कोतवाल जोगिया की संयुक्त टीम ककरही पुल के पास पहुंच गई। शुक्रवार भोर में चेकिंग के दौरान एक बाइक बांसी की तरफ से आती देखकर पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया। इस पर बाइक सवार तेज गति से हरैया बंधे की तरफ मुड़ गए, जिससे अनियंत्रित होकर बाइक गिर गई व बाइक सवार तीन लोग भागने लगा। पुलिस ने पीछा किया तो आरोपियों ने उन पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में तीनों बदमाशों को गोली लग गई और वे घायल होकर गिर गए। तलाशी में उनके पास से असलहा, तमंचा समेत पीड़ित महिला का छीना गया मोबाइल फोन, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और रुपये बरामद हुए। इसके बाद पुलिस उन्हें पीएचसी जोगिया उदयपुर ले गई। पूछताछ में आरोपियों ने घटना में शामिल दो और युवकों गोलू उर्फ मिथुन व अमन के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने उगले राज
पकड़े गए आरोपियों की पहचान रामगुलाम निवासी कोटिया थाना उसका बाजार, जितेंद्र यादव निवासी तकीयहवा, रामदीन पासवान निवासी डडिया सूपा राजा, अमन कुमार लोधी निवासी जोगिया उदयपुर, गोलू उर्फ मिथुन लोधी निवासी बिटिया राजा थाना जोगिया उदयपुर के रूप में हुई। पूछताछ में उन्होंने 24 जून की रात की वारदात की पूरी कहानी बयां की। उन्होंने बताया कि वे पांचों मसीना स्थित एक ढाबे से पार्टी करके दो अलग-अलग बाइक से ककरही पुल की तरफ जा रहे थे। जोगिया उदयपुर थाने के आगे मेन रोड के किनारे एक आधे-अधूरे मकान के सामने एक बाइक खड़ी दिखी। उत्सुकता वश वे देखने चले गए। मकान के अंदर एक लड़का व एक लड़की थे। वे लोग उनका नाम-पता पूछते हुए वीडियो बनाने लगे और लड़के को मारने लगे तो वह भाग गया। तब वे लोग लड़की को कट्टे के बल पर जबरदस्ती बाइक पर बैठाकर हरैया गांव के पास नदी के किनारे ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। साथ ही उसके बैग में रखे मोबाइल, जेवर, पैसे निकाल लिए और उसको पुन: बाइक पर बैठाकर सड़क पर छोड़ दिए। अगले दिन मिलकर उन्होंने पैसा और जेवर बांट लिया। पकड़े जाने के डर से वे सभी नेपाल भागने की फिराक में थे लेकिन पकड़े गए।