सिद्धार्थनगर। जोगिया कोतवाली क्षेत्र के कटया दुबे गांव में एक साथ तीन मौत से शनिवार सुबह हाहाकार मचा हुआ था। शुक्रवार शाम को पिता और पुत्र की मौत हो गई थी। जबकि सुबह गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान बेटी ने भी दम तोड़ दिया। बच्चों ने दादा ने तहरीर देकर शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की। जिस पर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
क्षेत्र के कटया दुबे गांव निवासी ध्रुव (30) पुत्र पूर्णमासी आठ वर्षीय पुत्री सपना और तीन वर्षीय पुत्र फूलमर्ति के साथ घर से निकला था और सनई कि पास सड़क के किनारे तीनों को तड़पता पड़ा होने की सूचना मिली थी। दोनों बच्चों और ध्रुव के मुंह से झाग निकल रहा था। एंबुलेंस की मदद से तीनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां इलाज के दौरान तीन वर्षीय पुत्र फूलमूर्ति की मौत हो गई थी। जबकि पिता और पुत्री की हालत गंभीर देखकर उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज ले जाते समय ध्रुव की भी मौत हो गई। सुबह बेटी सपना की मौत हो गई। पुलिस ने तीनों को शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एक साथ तीन मौत से गांव में मातम छाया हुआ है।
इस संबंध में एसओ जोगिया यशवंत सिंह ने बताया कि पिता पूर्णमासी ने शिकायती पत्र देकर बताया कि जहरीला पदार्थ बच्चों के साथ खा लिया और मौत हो गई है। मामले की जांच करके कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद शव का पंचनामा करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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बच्चों को स्कूली बैग दिलाने की बात कहकर ले गया था सनई
लोगों के मुताबिक ध्रुव जब घर से निकलने लगा तो किसी के पूछने पर बताया कि बच्चों को शौच कराने के लिए ले जा रहे हैं तो किसी को बताया कि बच्चों को स्कूली बैग खरीदने के लिए लेकर जा रहे हैं। अब बच्चों को क्या बताकर ले गया था, इन सवालों का जवाब किसी के पास नहीं है। लोग बता रहे हैं कि किसी दुकान पर बच्चों के लिए चाऊमीन खरीदा था। हो सकता है कि पहले जहरीला पदार्थ लिया और खाते समय मिला दिया हो, जिसके खाने से तीनों की मौत हो गई।
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क्यों उठाया ऐसा कदम, हैरत में हैं लोग
ध्रुव ने ऐसा कदम क्यों उठाया। इस बात को लेकर लोग हैरान हैं। वहीं गांव में कुछ लोग दबी जुबान से यह कह रहे थे कि मुंबई छोड़ने के बाद से जब वह गांव में रहने लगा तो पिता ने उसके कहने पर एक टैंपो खरीद दिया था। टैंपो कुछ दिन चलाने के बाद बेच दिया था। इसके बाद फिर पिता ने किस्त पर ई-रिक्शा खरीद दिया था। जो समय-समय पर पिता स्वयं जमा करता था। लोग यह भी चर्चा करते दिखे कि ई-रिक्शा की बैटरी खराब हो गई थी। जिसके बदलवाने की बात लगातार कर रहा था। जबकि पिता कह रहा था कि समय से किस्त का भुगतान करना चाहिए। हो सकता है कि दो बच्चों को पालन पोषण और अन्य समस्याओं से आजिज आकर यह कदम उठा लिया हो। लेकिन पिता इस मामले पर कुछ नहीं बोल रहे थे।
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सीओ ने गांव पहुंचकर जाना हाल
घटना की जानकारी मिलने के बाद सीओ बांसी देवी गुलाम भी कटया दुबे गांव में पहुंचे। यहां वह ध्रुव के पिता से मिले और घटना के बारे में जानकारी ली। अन्य लोगों से भी घटना के पीछे वजह जानने की कोशिश किया। वहीं एसओ जोगिया यशवंत सिंह घटना होने के बाद शुक्रवार रात में भी गांव में पहुंचे थे और सुबह फिर वह पुलिस टीम के साथ गांव में पहुंचे और घटना के बारे में लोगों से जानकारी लेते दिखे।