कपिलवस्तु में पर्यटन विकास के लिए 50 हेक्टेयर जमीन खरीदने का मामला
किसानों ने रात में की बैठक, 30 अक्तूबर को भी अपनी मांगाें पर करेंगे बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कपिलवस्तु में पर्यटन विकास के लिए खरीदी जा रही 50 हेक्टेयर जमीन खरीद मामले में राजस्वकर्मियों की लापरवाही से किसान नाराज हैं। किसान लामबंद हैं। वे सक्षम अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखने की योजना बना रहे हैं। किसानों ने दो दिन पहले रात में ठकुरापुर में बैठक की और 30 अक्तूबर को भी उन्होंने बैठक करके रणनीति तय करने की योजना बनाई है।
राजस्व ग्राम बर्डपुर नंबर एक में अलग अलग गाटा संख्या के रेट में अंतर होने के मुद्दे पर असंतुष्ट किसान अब राजस्व कर्मियों पर मनमानी करने का आरोप लगा रहे। ठकुरापुर में हुई बैठक में उन्होंने तय किया कि सक्षम अधिकारियों से वे विसंगतियों पर बात करेंगे। बर्डपुर नंबर एक में ठकुरापुर, पिपरहवा और गनवरिया के 250 से अधिक किसानों की जमीन सर्किल रेट से चारगुनी दर पर 50 हेक्टेयर जमीन खरीदी जानी है।
पिपरहवा के किसानों को 70 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर और ठकुरापुर व गनवरिया के किसानों को 58 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि गनवरिया और ठकुरापुर का सर्किल रेट पांच साल से जान-बूझकर नहीं बढ़ाया गया, जबकि कई गाटा संख्या के बारे में सही जानकारी दर्ज नहीं की गई।
किसानों ने की जांच की मांग
ठकुरापुर में हुई बैठक में सिकंदर अली ने कहा कि उपजिलाधिकारी नौगढ़ की ओर से अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा प्रखंड से गाटा संख्या 1414 और 1440 में चकमार्ग होने की जानकारी मांगी गई है। किसानों की मांग है कि ठकुरापुर पक्की सड़क से ठकुरापुर तक की सड़क की जांच कराकर दर निर्धारित की जाए।
रामदेव का कहना है कि गाटा संख्या 1458 और 1459 का सर्किल रेट 70 लाख रुपये है। 1456, 1457 और 1460, 1461 का सर्किल रेट 58 लाख रुपये है। उन्होंने इस मामले में राजस्व कर्मियों की भूमिका की जांच की मांग की।
अब्दुल सलाम का कहना है कि सर्किल रेट निर्धारित करने में आबादी से सटी भूमि का तात्पर्य ऐसी भूमि से है, जिसकी 100 मीटर की त्रिज्या में आबादी, इमारत, प्लॉटिंग हो। इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। इस बैठक में रामलखन, रामलगन, मोहम्मद हुसैन ने भी विसंगतियां गिनाईं।
अधिकारी जांच करेंगे तो मिलेगा न्याय
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ठकुरापुर के अब्दुल कलाम ने कहा कि राजस्व कर्मियों की मनमानी के कारण किसानों का नुकसान हो रहा है। जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने किसानों से बातचीत में कहा था कि यदि सड़क बनी होगी तो सड़क के किनारे के अनुसार दर दी जाएगी, लेकिन राजस्व कर्मियों ने रिपोर्ट सही गाटा संख्या नहीं दर्ज की। ऐसी स्थिति में जांच रिपोर्ट किसानों के हित में नहीं हो सकती है। किसानों ने बैठक की और सक्षम अधिकारियों से बात करने का निर्णय किया है।
30 अक्तूबर को करेंगे बैठक
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बर्डपुर नंबर एक की प्रधान कैलाशी देवी के पुत्र व पूर्व विधायक चौधरी अमर सिंह ने कहा कि उनकी ग्राम सभा में दर निर्धारण में विसंगतियों के कारण किसान चिंतित व परेशान हैं। इस मामले में वे ग्रामीणों के साथ 30 अक्तूबर को बैठक करेंगे। सबकी बात सुनी जाएगी और उसके बाद जिला प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखा जाएगा। विकास होना चाहिए। विकास होगा तो क्षेत्र की पहचान बदल जाएगी, लेकिन किसानों के साथ अन्याय भी नहीं होना चाहिए।
वर्जन
कपिलवस्तु क्षेत्र में 50 हेक्टेयर जमीन खरीदने की प्रक्रिया जारी है। किसान सहमति पत्र दे रहे हैं। जिन किसानों को कोई समस्या है, वे आएं और अपना पक्ष रखें। उनकी मांगों की जांच कराई जाएगी।
-डॉ. ललित कुमार मिश्रा, एसडीएम