भनवापुर क्षेत्र के गनवरिया खुर्द गांव के राम चरित्र के घर में भरा बाढ़ का पानी। संवाद
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बाढ़ का पानी नहीं खिसकने से किसानों की चिंता बढ़ी
इटवा। स्थानीय क्षेत्रों में स्थित बूढ़ी राप्ती व राप्ती नदी के पानी के घटने से आसपास के गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से घटने लगा है, लेकिन परासी व अकरारी नाले के जलस्तर में कमी नहीं हो रही है। खेतों में भरे पानी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र में आई बाढ़ से नदी के किनारे स्थित गांव डूब रहे थे तो इटवा-बिस्कोहर मार्ग व शाहपुर-सिगारजोत मार्ग के बीच के अधिकांश गांव सुरक्षित महसूस कर रहे थे। लेकिन, अचानक सोहना शाखा नहर के दो जगह बौना जोत व जूडीकुइया के पास कट जाने से परासी नाले व अकरारी नाले से होकर आए पानी ने बचे गांवों की परेशानी बढ़ा दी। किसान बब्लू सिंह, पुरुषोत्तम पांडेय, अब्दुल रउफ, शिव बालक आदि किसानों का कहना है कि यदि पानी कम होने का रफ्तार यही रही तो रबी की बुआई नवंबर के बाद ही संभव है।