पथरा के रेहरा में किसान रात में जला रहे पराली। संवाद
सोमवार को पथरा बाजार क्षेत्र के सीवान में पूरे दिन खेतों में पराली जलती रही
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शासन-प्रशासन की सख्त हिदायतों के बाद भी खेतों में पराली जलाने के मामले थमते नजर नहीं आ रहे हैं। जागरूकता कार्यक्रमों में बताई गई बातों को दरकिनार कर तमाम किसान पराली जला रहे हैं।
धान की फसल की कटाई शुरू होने के साथ ही प्रशासन ने खेतों में पराली न जलाने की हिदायत दी थी। कार्रवाई की चेतावनी के बावजूद लोग नहीं मान रहे हैं। सोमवार को पथरा बाजार क्षेत्र के सीवान में पूरे दिन खेतों में पराली जलती रही। इससे निकलने वाले धुएं से आसमान काला पड़ जा रहा है। इधर से गुजरने वाले लोगों को सांस लेने में मुश्किल आ रही है।
जाने-अनजाने एक ओर किसान पर्यावरण को क्षति पहुंचा रहे हैं तो दूसरी ओर खेतों की उर्वरा शक्ति नष्ट कर रहे हैं। धान की कटाई के बाद सरसों और गेहूं की बुआई आरंभ हो जाती है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि खेत में पराली जलाने से मिट्टी का तापमान बढ़ जाता है। इससे भूमि की उपजाऊ शक्ति कम हो जाती है। मिट्टी में मौजूद किसान मित्र कीट भी नष्ट हो जाते हैं। इसका असर फसल के उत्पादन पर पड़ता है।
पथरा थाने की एसओ मीरा चौहान ने बताया कि पराली जलाने की अब तक कोई शिकायत नहीं आई है। अगर कोई ऐसा कर रहा है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।