सिद्धार्थनगर। नौगढ़ ब्लाॅक के विभिन्न गांवों में छुट्टा पशुओं के चलते फसल के साथ किसानों का जीवन भी संकट में है। उन्हें रात में जान जोखिम में डालकर खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। इस बीच उन्हें छुट्टा पशुओं के हमले के साथ ही जहरीले जानवरों का भी खतरा बना रहता है।
गांवों में दिन में गोवंश सड़कों पर टहलते रहते हैं और रात होते ही वे किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाते है। पिछले एक महीने से साहा, पकड़ी, मनोहरी, बनरही, सेबुई-सेबुआ, कटहना आदि गांवों में ये छुट्टा पशु दिन-रात किसानों का धान की फसल चर रहे हैं।
महंगाई व सूखे की मार झेल रहे किसानों के लिए यह स्थिति काफी निराशा जनक है। किसानों को दिन रात एक करके अपने खेत की रखवाली करनी पड़ती है। रात के समय किसानों को धान की रखवाली करते समय सांप डसने का भी भय बना रहता है। कई किसान व समाजसेवी लोगों ने छुट्टा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए आईजीआरएस पर शिकायत भी किए लेकिन इसके बावजूद भी लोगों को समस्या से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। शासन के निर्देश के बाद भी छुट्टा पशु पकड़ने का कार्य नहीं किया जा रहा है।
अभी तक सूखे की स्थिति थी, पंपिंग सेट लगाकर किसी तरह धान की फसल की रोपाई की गई। खेत में खाद भी डाल दिया, लेकिन सारी मेहनत पर ये छुट्टा पशु पानी फेर रहे हैं, उसके बाद भी कोई जिम्मेदार व्यक्ति ध्यान नहीं दे रहा है।
-केसरी चौधरी, किसान साहा
महंगे धान की नर्सरी तैयार करके पानी चलाकर रोपाई की गई, लेकिन ये छुट्टा पशु कब आकर फसल चर लें, इसकी आशंका बनी रहती है। खेत से छुट्टा पशुओं के झुंड हांकते समय दूसरे के खेत में न चले जाएं, इसकी भी ध्यान रखना पड़ता है।
-प्रेमचंद, किसान
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शिकायत करने के बाद भी कोई अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं। जिससे फसल छुट्टा पशु चर ले रहे हैं, जबकि कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है। जनप्रतिनिधियों के साथ अफसरों को भी इस दिशा में सोचने की जरूरत है।
-रमेशचंद्र शुक्ल, किसान
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वर्जन
गांव में रह रहे छुट्टा गोवंशों की जानकारी संज्ञान में है, टीम बना कर दो दिन में वहां के पशुओं को गोशाला भेजवा दिया जाएगा। किसानों की समस्या समाप्त हो जाएगी।
-अरुण कुमार पांडेय, बीडीओ नौगढ़