सिद्धार्थनगर। बस्ती जिले थाना वाल्टरगंज पडिया गांव निवासी अत्री के आत्मघाती कदम उठाने से परिवार और खेसरहा थाना क्षेत्र के सरैनिया गांव में जहां वह रह रहा था, रिश्तेदार भी हैरत में हैं। उनका कहना है कि वह तीन माह से यहीं रह रहा था, लेकिन कभी किसी से कोई विवाद नहीं हुआ था। वहीं, परिवार के लोगों ने भी मामले की पुलिस से कोई लिखित शिकायत नहीं की है। परिवार के लोग मान रहे हैं कि उसने खुदकुशी की है।
खेसरहा थाना क्षेत्र के सरैनिया गांव में चचेरी बहन के यहां बस्ती जनपद के थाना वाल्टरगंज पडिया गांव निवासी अत्री (२२) पुत्र चंद्रिका रहता था। परिवार के लोगों के मुताबिक तीन माह से वह यहां पर रह रहा था। रिश्तेदार का ट्रैक्टर चलाता था और शाम को घोसियारी चौराहे पर साइकिल से निकलता था। यह उसकी नियमित दिनचर्या में था। बृहस्पतिवार को भी घर से निकला था। रात करीब नौ बजे बाग की ओर गए लोगों ने पेड़ की डाल से फंदे से लटकता हुआ उसका शव देखा। इसके बाद गांव में आकर उसके रिश्तेदार को जानकारी दी। रात में ही पुलिस पहुंच गई थी। सुबह परिवार के लोग गांव में पहुंचे। इसके बाद शव का पंचनामा हुआ और लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, लेकिन परिवार की ओर से पुलिस को कोई लिखित शिकायती पत्र नहीं दिया।
पुलिस के मुताबिक गांव में ही लड़की से छेडख़ानी के मामले में उसके खिलाफ केस दर्ज हुआ था। इसको लेकर कई बार विवाद भी हुआ था। विवाद से बचने के लिए ही वह रिश्तेदार के यहां रहता था। यहीं से जब तारीख पड़ती थी तो देखने के लिए बस्ती कोर्ट में जाता था। यहां आने के बाद कभी किसी से विवाद नहीं हुआ और न ही किसी से कोई मतलब रखता था। अचानक उसके आत्मघाती कदम उठाने से परिवार के लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि उससे अकसर बात होती थी, लेकिन बातचीत से कभी ऐसा नहीं लगा कि वह परेशान है फिर ऐसा क्यों कदम उठा लिया। यह समझ में नहीं आ रहा है। मृतक चार भाई हैं, जिसमें अत्री सबसे छोड़ा था और उसकी शादी अभी तक नहीं हुई थी। इस संबंध में एसओ खेसरहा शशांक कुमार सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया गया है। परिवार की ओर से कोई शिकायती पत्र नहीं दिया गया है।