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रेलवे स्टेशनों पर कहीं कुर्सियां टूटी, तो कहीं बंद हैं पंखे

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सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म दो पर खराब पड़ा टोटी। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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रेलवे स्टेशनों पर कहीं कुर्सियां टूटी, तो कहीं बंद हैं पंखे
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- यात्री सुविधाओं का अभाव, गर्मी में पानी की टोटी बंद होने से हो रही दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर/ तुलसियापुर/बढ़नी। जिले के रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का अभाव है। कहीं कुर्सियां टूटी है तो कहीं छाजन। कुछ स्टेशनों पर शौचालयों में ताला लटक रहा है।
कहीं पर ओवरब्रिज न होने से यात्रियों जान जोखिम में डालकर एक प्लेटफार्म से दूसरे पर जाते हैं। वहीं पेयजल के लिए लगाई गईं टोटियां बंद है। पंखे बंद होने के कारण यात्रियों को असुविधा हो रही है।
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सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पर 8 से 10 ट्रेनों का ठहराव होता है। यहां से प्रतिदिन तीन से चार हजार यात्री आते जाते हैं। वहीं, शोहरतगढ़, बढ़नी, परसा व उसका रेलवे स्टेशन पर करीब एक हजार यात्रियों का आवागमन होता है, लेकिन रेलवे स्टेशनों पर सुविधा नहीं होने से यात्रियों को दिक्कतें हो रही है।
सिद्धार्थनगर : बंद मिले पंखे, टूटी है छाजन
सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर छाजन टूटी है। धूप में यात्रियों को बैठना पड़ता है। पंखा बंद होने से गर्मी में यात्रियों दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यात्री सुल्तान मिर्जा, अनिल व गुड्डू सिंह ने बताया कि ट्रेन आने के बाद सीट पर जल्दी बैठने की चुनौती होती है, इस कारण सामान छोड़कर यात्री प्रतीक्षालय में नहीं जा सकते। उन्होंने कहा की टोटी बंद होने के कारण पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है।
शोहरतगढ़ : आदर्श स्टेशन पर पानी का इंतजाम नहीं
शोहरतगढ़ आदर्श रेलवे स्टेशन केवल नाम मात्र का है। दो नंबर प्लेटफार्म पर छाजन छोटी है। दूसरे प्लेटफार्म पर पेयजल की समस्या है। पानी का टोटी खराब है। साफ-सफाई की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। प्लेटफार्म नंबर एक पर बने शौचालय में ताला बंद है। घड़ी खराब है। रात के समय पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था नहीं रहती है। बिजली गुल होते ही अंधेरा पसर जाता है।
परसा : पटरी पर चलकर जाते हैं दूसरे प्लेटफार्म पर
परसा रेलवे स्टेशन पर ओवरब्रिज का निर्माण नहीं हुआ है। यात्री जान जोखिम में डालकर पटरी पर चलकर एक प्लेटफार्म से दूसरे पर जाते हैं। इसके अलावा दोनों प्लेटफार्मों पर बने छाजन में लगे सभी छह पंखे खराब हैं। प्लेटफार्म दो पर पेयजल की सुविधा नहीं है। प्लेटफार्म एक पर बने शौचालय में ताला बंद है। यात्रियों को बैठने के लिए बने सीमेंट के कई सीट टूट चुके हैं।
बढ़नी : खराब है टिकट वेंडिंग मशीन, डिस्प्ले बोर्ड नहीं
बढ़नी रेलवे स्टेशन गोरखपुर-गोंडा रेलखंड का सबसे प्रमुख रेलवे स्टेशन है। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित इस रेलवे स्टेशन को आदर्श रेलवे स्टेशन का दर्जा प्राप्त है। इसे गेटवे ऑफ नेपाल भी कहा जाता है, लेकिन यात्री सुविधाओं का यहां अभाव है। टिकट के लिए लगी वेंडिंग मशीन खराब होने से यात्रियों को लाइन लगाकर टिकट लेना पड़ता है। स्टेशन परिसर में लगा वॉटर कूलर खराब है। रेलवे स्टेशन पर डिब्बों की जानकारी के लिए डिस्प्ले बोर्ड नहीं लगाया गया है।
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खराब वॉटर कूलर की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। शौचालय की मरम्मत का काम चल रहा है। पेयजल की सुविधा भी बेहतर की जाएगी।
- एमएस राणा, स्टेशन अधीक्षक बढ़नी
छाजन टूटने की जानकारी अधिकारियों को दी गई है। कुर्सियां और पानी की टोटी व पंखे की मरम्मत कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जल्द ही सुविधाएं बेहतर हो जाएगी।
- एसएन यादव, स्टेशन अधीक्षक, सिद्धार्थनगर
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