इमरजेंसी में नहीं है माइनर ओटी, सर्जिकल उपकरणों का भी अभाव
- जिला अस्पताल से संबद्ध मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल की इमरजेंसी में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। यहां माइनर ऑपरेशन थियेटर नहीं है। सर्जिकल उपकरणों का भी अभाव है।
ऐसी स्थिति में छोटे से उपचार के लिए मरीजों को अगले दिन ऑपरेशन थियेटर में बुलाया जाता है। कुछ मरीज दर्द की दवा खाकर ओटी खुलने का इंतजार करते हैं तो कुछ मजबूरी निजी अस्पताल चले जाते हैं।
इमरजेंसी में 24 घंटे में 50 से 70 मरीज इमरजेंसी इलाज के इलाज के लिए जाते हैं, जबकि कोई हादसा हो जाए तो एक साथ कई मरीज पहुंच जाते हैं। जब मरीज अधिक होते हैं तो इलाज कठिन हो जाता है, क्योंकि इमरजेंसी में तीन साल से सर्जिकल उपकरणों की आपूर्ति नहीं हुई है।
डॉक्टरों के अनुसार एक उपकरण के सेट में कई उपकरण खराब हो गए हैं। जर्नल सर्जरी, आर्थो एवं डेंटल सर्जरी के मरीजों को अगले दिन ओटी खुलने का इंतजार करना पड़ता है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग को एमसीएच विंग में स्थानांतरित कर दिया गया है, लेकिन इसकी ओटी में ताला लटक रहा है।
दवा और टांके की भी है कमी
इमरजेंसी में किसी सीनियर नर्स को प्रभारी नहीं बनाया गया है। इस कारण इमरजेंसी से वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए ड्यूटी नर्स को पर्याप्त दवा नहीं मिल पाती है। जब भी आवश्यकता पड़ती है तो स्वास्थ्यकर्मी मरीजों से ही दवा मंगाते हैं। पतले टांके का धागा नहीं होने के कारण इलाज में दिक्कत आ रही है। इमरजेंसी में आर्टी फारसेफ, एलिस फारसेप, निडिल होल्डर, टूथ फारसेप, बीपी हैंडिल जैसे उपकरणों की कमी है।
इमरजेंसी के प्रभारी डॉ. सीबी पांडेय ने बताया कि ओटी में उपकरणों की कमी दूर करने के लिए डिमांड भेजी गई है। दवाइयों की कमी से मरीजों का इलाज नहीं प्रभावित हो रहा है। अधिक दवाइयों की उपलब्धता के लिए प्रभारी प्राचार्य ने शासन को पत्र लिखा है। किसी नर्स को भी प्रभारी बनाया जाएगा ताकि इलाज और बेहतर ढंग से हो।
रात में नहीं होती है एक्स-रे
संयुक्त जिला अस्पताल में ओपीडी अवधि के बाद भी पैथोलॉजी जांच हो जाती है, लेकिन रात में एक्स-रे नहीं हो पाती है। सीनियर टेक्नीशियन शिवपूजन मणि त्रिपाठी ने बताया कि एक्स-रे सेंटर में दो डिजिटल सहित पांच मशीन और तीन टेक्नीशियन हैं। आठ टेक्नीशियन उपलब्ध हों तो 24 घंटे जांच हो सकती है।
एसपी को टांका लगवाने जाना पड़ा निजी अस्पताल
जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में बीते रविवार सुबह क्रिकेट मैच के दौरान एसपी अमित कुमार आनंद के चेहरे पर बाल से चोट लग गई। पुलिस अधिकारी एसपी को लेकर इमरजेंसी में गए। वहां मुकम्मल इलाज नहीं हो पाया है। माइनर ओटी नहीं होने के कारण डॉक्टर ओटी खुलवाने की कोशिश करने लगे। लगभग 15 मिनट इंतजार के बाद एसपी निजी अस्पताल चले गए।
मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग बन रही है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद अस्पताल स्थानांतरित होगा। उपकरणों की आपूर्ति के लिए पत्राचार किया गया है। इमरजेंसी में माइनर ओटी की सुविधा बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
- डॉ. एके झा, प्रभारी प्राचार्य, सीएमएस