जिला अस्पताल के सेंट्रल लैब में लिफ्ट की सुविधा नहीं
- वार्ड और ओटी की लिफ्ट बंद होने से लोगों को हो रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। संयुक्त जिला अस्पताल की सेंट्रल लैब में लिफ्ट की सुविधा नहीं है। सीढ़ियां चढ़ने में बुजुर्गों को दिक्कत हो रही है। किसी को परिजन गोद में उठाकर ऊपर ले जा रहे हैं, तो कुछ बुजुर्गों को अपरिचितों से सहयोग मांगना पड़ रहा है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल में ओपीडी के ऊपर प्रथम तल पर सेंट्रल लैब बनाई गई है। यहां लिफ्ट की सुविधा नहीं है। बुजुर्गों को खून जांच कराने के लिए सीढ़ी चढ़कर जाना पड़ता है। जिससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कई बुजुर्गों के परिजन उन्हें गोद में उठाकर ऊपर ले जाते हैं। वहीं, वार्ड और ओटी के लिए लिफ्ट है, लेकिन कर्मचारी के अभाव में बंद है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 1000 से 1200 मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें 80 से 100 लोग अपने पैरों से चलने में असमर्थ होते हैं, उन्हें सीढ़ियां चढ़ने में कठिनाई होती है। उन्हें लैब तक आने और ले जाने के लिए स्ट्रेचर की व्यवस्था नहीं बनाई गई है।
ओपीडी में होनी चाहिए सैंपल लेने की व्यवस्था
बर्डपुर के प्रदीप की मां चंदा के अपने पैर से चल नहीं सकती हैं। प्रदीप उन्हें गोद में उठाकर जांच कराने ले गए। चंदा ने कहा कि बुजुर्गों के लिए ओपीडी में ही सैंपल लेने की व्यवस्था होनी चाहिए।
देवलहवा से आए बुजुर्ग सुखई को सीढ़ी चढ़ने में उनकी बहू सहयोग की तो लैब में पहुंच सके। बभनी से पहुंचे कलीमुल्लाह धीरे-धीरे रुकते हुए सीढ़ियों को चढ़ रहे थे। उन्होंनें बताया कि अकेले अस्पताल में आए हैं, उन्हें नहीं पता था कि सीढ़ियां चढ़नी पड़ेगी। अन्य बुजुर्गों व दिव्यांग मरीजों के लिए सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत हो रही है।
संयुक्त जिला अस्पताल की ओपीडी में लिफ्ट बनाई जाएगी। कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है, नियुक्ति होने के बाद ओपीडी में ही बुजुर्ग व असहाय मरीजों के सैंपल लेने की व्यवस्था की जाएगी।
- डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज