सिद्धार्थनगर। अगर अचानक आंखें लाल हो जा रही हैं और खुजलाहट हो रही है तो सावधान हो जाएं। क्योंकि इसे नजरअंदाज करना आपके लिए घातक हो सकता है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में नेत्र रोग विभाग में इस प्रकार के प्रतिदिन 10 मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सक इसे आंख की संक्रामक बीमारी बता रहे हैं। उनका कहना है कि यह बारिश के वजह से हो रहा है। दिक्कत होते ही तत्काल चिकित्सक की सलाह लेकर दवा लें नहीं तो आंख की रोशनी पर असर पड़ सकता है।
बारिश शुरू होने के साथ ही कई प्रकार की संक्रामक बीमारियां पांव पसारने लगती हैं। इसमें वायरल फीवर, डेंगू, मलेरिया तो है ही। इसके साथ ही आंखों में भी संक्रामक बीमारी भी होने लगी है। बारिश शुरू होने के बाद से ही आंखें लाल होना, खुजली महसूस होना, आंखों में चुभन, आंख से पानी आने जैसी कई शिकायतें हो रही हैं। मौजूदा समय में माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में आंखें लाल होने के शिकार मरीजों की तादाद में एकाएक वृद्धि हो गई है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ के कक्ष में प्रतिदिन इस बीमारी से पीडि़त 10 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि यह मौसम की बीमारी है। यह एक प्रकार की संक्रामक बीमारी है। अगर परिवार के एक सदस्य को समस्या हुई और साफ-सफाई नहीं किया तो परिवार के अन्य लोगों को दिक्कत हो सकती है। इसे कंजंक्टिवाइटिस कहते हैं, इस बीमारी में आंखें तेजी से लाल हो जाती हैं। अगर इसे नजरअंदाज किया गया तो कई दिनों से खुजलाहट होने के कारण आंख की रोशनी भी जा सकती है।
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आंखों का ऐसे रखें ध्यान
इस मौसम में कम से कम दो तीन बार आंखों को ठंड पानी से धोंए, जिससे आंख का संक्रमण कम होता है।
बार-बार आंखों पर हाथ लगाने से बचें, इससे आंखे सुरक्षित रहती हैं।
आंखों मे संक्रमण है तो अपनी तौलिया, चश्मा आदि किसी को न दें।
आंखों को संक्रमण से बचाने के लिए घर से बाहर निकलते समय चश्मा जरूर लगाएं ताकि धूल-मिट्टी से बचा जा सके।
मानसून में किसी भी संक्रामक रोग से बचाव के लिए रोगप्रतिरोगधक क्षमता को मजबूत बनाकर रखें।
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अगर आंख लाल हो रही है या फिर आंख से जुड़ी अन्य समस्या है तो झोलाछाप का ड्रॉप कतई न प्रयोग करें। अगर ऐसा करते हैं तो आपके आंख की रोशनी जा सकती है। आंख अनमोल है, इसलिए किसी अच्छे नेत्ररोग विशेषज्ञ की सलाह से ही दवा लें।
- डॉ. संजय कुमार, नेत्ररोग विशेषज्ञ, माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज