सिद्धार्थनगर। केंद्रीय विद्यालय में 19 नवंबर को आयोजित होने वाले एक दिवसीय कॅरिअर काउंसलिंग फेयर कार्यक्रम की सफलता के लिए अंबेडकर सभागार में बैठक हुई। काउंसलिंग फेयर में 10 सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिसमें एक हजार बच्चे भाग लेंगे।
डीएम डॉ. राजागणपति आर ने कहा कि जिनको जो दायित्व मिला है, उसका निर्वहन करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाएं। डीएम ने अधिकारियों, प्रधानाचार्यों को निर्देश देते हुए कहा कि माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा नौ से 12 तक के बच्चों को कॅरिअर को लेकर विशेषज्ञों की ओर से विशेष सलाह और सुझाव दिए जाएंगे। इसकी सफलता के लिए दायित्व मिले अधिकारियों को अपने-अपने जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहते हुए कार्य को संपादन करना होगा। जिला विद्यालय निरीक्षक सोमारू प्रधान ने बताया कि कॅरिअर काउंसलिंग फेयर में आयोजित होने वाले 10 अलग-अलग सत्रों के विशेषज्ञ का चयन किया जा चुका है।
इनमें सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु की कुलपति प्रो. कविता शाह, आईपीएस गौरव त्रिपाठी, दृष्टि आईएएस कोचिंग दिल्ली से अभिषेक कुमार मिश्र, अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार त्रिपाठी, गीडा संस्थान गोरखपुर के निदेशक एम के सिंह, डॉ. आरएल श्रीवास्तव, मोमेंटम कोचिंग सेंटर के अरविंद त्रिपाठी, विकास अग्रवाल, एलवन कोचिंग वाराणसी के निदेशक डॉ. अरूण त्रिपाठी, माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राजेश मोहन, सिद्धार्थ विवि कपिलवस्तु से डॉ. अखिलेश दीक्षित, अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी कुमारी रिया श्रीवास्तव, क्रिकेटर अयान चौधरी प्रमुख रूप से शामिल किए हैं।
सत्र विशेषज्ञों से समन्वय स्थापित करने के लिए अधिकारियों को लाइनजन ऑफिसर नियुक्त किया गया है, जिनमें एसडीओ वन बीना तिवारी, जिला सेवायोजन अधिकारी मिथिलेश कुमार मिश्रा, जिला प्रबंधक खादी ग्रामोद्योग दीपक मिश्र, तहसीलदार सदर संतराज, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी तन्मय, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी संदीप कुमार मौर्य, जिला युवा कल्याण अधिकारी विनय राव, एनएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक राजेश शर्मा, राजकीय इंटर कॉलेज नौगढ़ के प्रधानाचार्य दयाशंकर यादव, क्रीड़ा अधिकारी आशुतोष अग्निहोत्री हैं।
इस दौरान जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी तन्मय, बुद्ध विद्यापीठ पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अभय कुमार श्रीवास्तव, केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य नीरज शुक्ला, जीआईसी नौगढ़ के प्रधानाचार्य दयाशंकर यादव आदि मौजौद रहे।