सिद्धार्थनगर। बोर्ड परीक्षा में वही विद्यालय केंद्र बनाए जाएंगे, जिनकी छवि अच्छी होगी। जहां नकल करते हुए कोई बच्चा नहीं पकड़ा गया होगा। वह विद्यालय परीक्षा केंद्र नहीं बनेंगे, जहां एक साथ कई नकलची पकड़े गए होंगे। इसके लिए पांच साल पहले का डाटा खंगाला जाएगा। उसके देखने के बाद ही केंद्र बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
अगले सत्र में होने वाले हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा की तैयारी शुरू हो गई है। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से केंद्र बनाने और बच्चों के आवेदन फार्म सही कराने सहित अन्य कार्यों को जल्द पूरा कराने में जुटा हुआ। बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाए जाने के लिए परिषद की ओर से विद्यालयों से ऑनलाइन आवेदन मांगा गया था। इसमें एक विद्यालय से दूसरी विद्यालय की दूरी और विद्यालय में मौजूद सुविधाओं के बारे में जानकारी मांगी गई थी। जिसे से सहायता प्राप्त, राजकीय और वित्तविहीन के कुल 200 आवेदन गए हैं। केंद्र बनाए जाने से पहले जिलाधिकारी के निर्देशन में तहसील स्तर पर गठित होने वाली त्रिस्तरीय टीम जांच करके रिपोर्ट सौंपेगी। इससे पहले बोर्ड की ओर से यह जांच कराया जा रहा है कि नकल कराने वाले विद्यालय सेंटर किसी भी हाल में न बनने पाएं। जहां कई नकलची पकड़े गए होंगे, उन्हें तो किसी भी हाल में केंद्र नहीं बनाया जाएगा। इसलिए पांच साल की कुंडली खंगाल करके रिपोर्ट तैयार किया जाए। जिससे दागी विद्यालयों को बाहर किया जा सके। विभागीय कर्मियों जांच पड़ताल में जुट गए हैं। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक उपेंद्र कुमार ने बताया कि शासन स्तर से मिले हर दिशा-निर्देशों का पालन कराया जाएगा। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की जाएगी।