इटवा। नगर पंचायत बनने के बाद भी इटवा कस्बे में लोगों को जाम से निजात नहीं मिल पा रही है। सड़क पर अतिक्रमण और ऑटो चालकों के बेतरतीब खड़े होने के कारण पूरे दिन रुक-रुक का जाम लग रहा है। इससे लोगों को एक छोर से दूसरे छोर पहुंचने में घंटों समय लग रहा है। लेकिन इस दिशा में जिम्मेदार अंजान बने हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, इटवा कस्बे को चार प्रमुख मार्ग बढ़नी, बांसी, डुमरियागंज व बलरामपुर को जोड़ता है। ऐसे में इस पर वाहनों का आवागमन अधिक रहता है। दिसंबर 2019 में नगर पंचायत की घोषणा के बाद से यहां जाम से राहत के लिए कोई कदम नहीं उठाया गए। डुमरियागंज से इटवा होकर बढ़नी चलने वाली निजी बसे और ऑटो चौराहे पर आकर सवारियों की प्रतीक्षा करती हैं। आधी सड़क पर इनके खड़ी होने से ट्रैफिक वन-वे हो जाता है।
कस्बे के पंडित दीनदयाल नगर निवासी पवन कुमार ने कहा कि सड़क पर खड़े होन वाले वाहनों पर कार्रवाई होनी चाहिए। तहसील क्षेत्र के मदरहवा निवासी अलीम कहते हैं कि इटवा कस्बे के फुटपाथों पर दुकानदारों का अवैध कब्जा रहता है। पहाड़ापुर निवासी चिनकाऊ पाल ने कहा कि कस्बे में जाम लाइलाज बीमारी बन गई है।
नगर पंचायत में अभी नियमावली नहीं बनी है। ऐसे में अभी अनियमित संचालन के लिए किसी वाहन स्वामी को दंडित नहीं कर सकते हैं। जहां तक अतिक्रमण का सवाल है, उसके संबंध में पूरे कस्बे में शीघ्र ही अनाउंस कराया जाएगा। उसके बाद न हटाने वालों के अवैध कब्जे को बलपूर्वक हटवाया जाएगा।
-संदीप कुमार, ईओ