अमर उजाला ब्यूरो सिद्धार्थनगर। केंद्र सरकार की ओर से भत्तों में की गई कटौती को लेकर राज्य कर्मचारियों में विरोध के स्वर तेज होने लगे है। इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज(इप्सेफ) के आह्वान पर जिले में भी कर्मचारियों ने मोमबत्ती जलाकर केंद्र सरकार के फैसले का विरोध किया। बाद में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जिला इकाई की ओर से प्रधानमंत्री को ई-मेल के जरिए मांगपत्र भेजा गया। इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज(इप्सेफ) के आह्वान पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की अपील पर पूरे जिले मेें कर्मचारियों ने अपने-अपने दफ्तरों के बाहर सोशल डिस्टेंस का अनुपालन करतेे हुए भत्तों में की गई कटौती का मोमबत्ती जलाकर विरोध जताया। संयुक्त जिला चिकित्सालय पर डॉ. गोविंद प्रसाद ओझा ने कहा कि केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात किया है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अशोक त्रिपाठी एवं जिलामंत्री शिवाकांत पांडेय ने कहा कि केंद्र के निर्णय से कर्मचारी संवर्ग नाराज है। इसका हर स्तर पर विरोध जताया जाएगा। सदर तहसील परिसर में कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष रामकरन गुप्ता एवं जिलामंत्री ओमप्रकाश पांडेय ने कहा कि कोरोना का प्रकोप में अधिकांश कर्मचारी पूरे मनोयोग से लगे हैं। ऐसे में प्रोत्साहन के बजाए उल्टे उनका डीए ही रोक दिया है। अंत में जिला इकाई की ओर से प्रधानमंत्री को ईमेल के जरिए मांगपत्र भेजा गया। सरकारी कार्यालयों पर संपन्न कार्यक्रमों में वाईपी यादव, केएन शुुक्ला, जेआर पांडेय, उमेश पांडेय, लक्ष्मीकांत पांडेय, राजेंद्र यादव, इफ्तखार खान, रंजनेश दुबे, संतोष पांडेय आदि की सहभागिता रही।