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Siddharthnagar News: कुछ बोलने से बच रहे मतदाता, भ्रम में कई प्रत्याशी

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सिद्धार्थनगर। सत्ताधारी दल समेत अन्य विपक्षी पार्टियों के लिए प्रतिष्ठा का सीट बनी नगर पालिका सिद्धार्थनगर में मतदाताओंं की खामोशी ने प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ा रखी है। आम मतदाता चुनाव प्रचार को चुपचाप ढंग से देख रहा है और किसी भी दल या प्रत्याशी के पक्ष में बोलने से परहेज कर रहा है।
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मतदाताओं की इस खामोशी से एक ओर जहां प्रत्याशियों सांसें ऊपर-नीचे हो रही हैं। वहीं राजनीतिक सूझ-बूझ रखने वाले जानकारों के लिए भी जीत-हार का आंकलन करना बेहद पेचीदा साबित हो रहा है। हालांकि, मतदाताओं में भी इस बात की चर्चा आम है कि कौन कौन प्रत्याशी चुनावी ट्रैक पर आगे हैं।
दूसरे चरण में होने वाले मतदान का दिन नजदीक आने के साथ ही शहर में प्रचार अभियान पूरे शबाब पर पहुंचता जा रहा है। सारे प्रत्याशी वोटरों को अपने पाले में लाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते। प्रचार वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं, तो प्रत्याशी घर-घर संपर्क कर वोटरों को रिझाने में लगे हैं। नए परिसीमन के बाद नगर पालिका क्षेत्र में इस बार मतदाताओं की संख्या 59473 हो गई है, जिसमें पुरुष 31003 और महिला मतदाताओं की संख्या 28470 है।
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अध्यक्ष पद पर इस बार रिकार्ड 14 प्रत्याशी चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं तो वहीं 25 वार्डों में सभासद प्रत्याशियों की कुल संख्या 185 है। चुनावी मैदान में इतनी संख्या में उतरे प्रत्याशियों कोई भी जागरूक मतदाता नाराज करने की जहमत नहीं उठाना चाहता और इसी के चलते वह खामोश रहने में ही अपनी भलाई समझ रहा है। चुनावी क्षेत्र छोटा होने के नाते मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों से सीधा संपर्क और जान-पहचान होने के नाते ज्यादातर मतदाता किसी से अपना संबंध खराब नहीं करना चाहते। जिसके चलते वोट मांगने के लिए दरवाजे तक आने वाले हर प्रत्याशी को वोट देने की बात कहकर मतदाता, विदा कर देता है।
प्रत्याशी व उनके प्रचार अभियान से सीधे जुड़े लोग, चुनावी आकलन में जनता के इसी रवैए से मात खा जा रहे हैं। मतदाताओं की इस सहमति को ही अपने पक्ष में वोट की गारंटी मानकर, प्रत्याशी अपनी जीत की गणित लगा रहे हैं। जबकि असलियत यह कि जिस खास मोहल्ले या समुदाय का वोट कोई भी पक्का मान के चल रहा है, उसी को अन्य प्रत्याशी भी अपने पाले में जोड़कर चल रहा है। फिलहाल मतदाताओं का यह रुख मैदान में उतरे किसी भी प्रत्याशी का उत्साह कम नहीं होने दे रहा है और वह पूरे जोशो खरोश के साथ प्रचार अभियान में अपनी ताकत लगा रहा है।
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