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ईद मिलादुन्नबी आज, अकीदत के साथ मनेगा त्योहार

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जश्ने ईदमिलादुन्नबी को लेकर सजा बेंवा चौराहा। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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ईद मिलादुन्नबी आज, अकीदत के साथ मनेगा त्योहार
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सिद्धार्थनगर। पैगंबर हजरत मोहम्मद की यौमे पैदाइश ईद मिलादुन्नबी का त्योहार रविवार को अकीदत के साथ मनाया जाएगा। मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में मजहबी कार्यक्रम होंगे। पूरी रात घरों में इबादत की जाएगी। महफिल मिलाद, जलसा और अन्य कार्यक्रम आयोजित होंगे। प्रमुख मस्जिदों एवं घरों में शानदार सजावट की गई है, त्योहार के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।
शहर के मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में खास तैयारी की गई है। जामा मस्जिद तेतरी, जामा मस्जिद आजादनगर, जामा मस्जिद खजुरिया की शानदार ढंग से सजावट की गई है। बेलसड़ स्थित ईदगाह से जुलूस निकाला जाएगा, जो रेलवे स्टेशन, बांसी तिराहा होते हुए सिद्धार्थ तिराहा पहुंचेगा। घरों में पूरी रात इबादत होगी। लोग एक-दूसरे से मिलकर जश्न मनाएंगे।
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डुमरियागंज प्रतिनिधि के अनुसार, तहसील क्षेत्र में ईद मिलादुन्नबी की तैयारी की गई है। बेवा चौराहे से लगभग 7 किलोमीटर लंबे मार्ग पर पुलिस और पीएसी का पहरा रहेगा। बैदौलागढ़ गरीब नवाज मदरसा के मौलाना मकसूद अकरम ने बताया कि इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हजरत मोहम्मद का जन्म अरब के शहर मक्का में 571 ईस्वी में 12 तारीख को हुआ था। पैगंबर साहब के जन्म से पहले ही उनके पिता का निधन हो चुका था। वह छह वर्ष के थे तो उनकी मां की भी मृत्यु हो गई।
मां के निधन के बाद पैगंबर मोहम्मद अपने चाचा अबू तालिब और दादा अबू मुतालिब के साथ रहने लगे। इनके पिता का नाम अब्दुल्लाह और माता का नाम बीबी आमिना था। अल्लाह ने सबसे पहले पैगंबर हजरत मोहम्मद को ही पवित्र कुरान अता की थी। इसके बाद पैगंबर साहब ने पवित्र कुरान का संदेश दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाया।
अरबी महीने की तारीख 12 रबी अल-अव्वल हर साल मनाई जाती है। इस दिन रात भर प्रार्थना होती है और जगह-जगह जुलूस भी निकाले जाते हैं। घरों और मस्जिदों में कुरान पढ़ी जाती है। ऐसी मान्यता है कि ईद मिलाद उन-नबी के दिन दान और जकात से अल्लाह खुश होते हैं। डुमरियागंज क्षेत्र में ईद मिलादुन्नबी की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
डुमरियागंज ईदगाह मस्जिद से लेकर बैदौला चौराहा, हल्लौर, शिकाहरा, तिलगढ़िया, बेवा चौराहा तक निकलने वाले 7 सात किलोमीटर लंबे जुलूस-ए-मोहम्मदी के मद्देनजर गेट बनाया गया है। सड़क के दोनों तरफ हरी झंडी और बैनर लगाने के साथ ही सभी मस्जिदों की शानदार तरीके से सजावट की गई है। प्रशासन की ओर से जुलूस को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहेंगे।
शनिवार की शाम को एसडीएम कुणाल सीओ राणा महेंद्र प्रताप सिंह तथा थानाध्यक्ष संजय मिश्रा ने क्षेत्र में पैदल मार्च कर जुलूस-ए-मोहम्मदी को परंपरागत ढंग से शांतिपूर्ण माहौल में निकालने और ईद-उल-मिलाद-उन-नबी को आपसी सौहार्द के माहौल में मनाने की अपील की।
बांसी प्रतिनिधि के अनुसार, ईद मिलादुन्नबी का पर्व अकीदत साथ मनाया जाएगा। पर्व की पूर्व संध्या पर लोगों ने घरों की सजावट कर ली है। बर्डपुर प्रतिनिधि के अनुसार, कस्बे की मस्जिदों में शानदार सजावट की गई है। मीठे पकवान से लोग मेहमानों का स्वागत करेंगे और खुशियां मनाएंगे।
बेंवा चौराहे से निकलेगा जुलूस-ए-मोहम्मदी
भारतभारी। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के बेंवा चौराहे से रविवार को मोहम्मद मुस्तफा के जन्मदिवस पर जश्ने ईद मिलादुन्नबी पर जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला जाएगा। उसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुन्नी जामा मस्जिद बेंवा चौराहा के पेश इमाम मौलाना मुफ़्ती जुबेर अहमद की अगुवाई में जुलूस निकाला जाएगा।
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मौलाना ने बताया कि जुलूस दोपहर एक बजे के बाद बेंवा चौराहा से शुरू होगा, जो तिलगड़िया, सिकहरा, जबजौआ, हल्लौर, बैदौला चौराहा होते हुए डुमरियागंज जामा मस्जिद पर खत्म होगा। उन्होंने लोगों से जुलूस में शामिल होने की अपील की है। संवाद
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