शहर व आसपास की 76 समेत पूरे जिले में 1029 मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जित
1264 में प्रतिमाएं हुई थीं स्थापित, शेष का बाद में होगा विसर्जन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शहर के जमुआर घाट पर मंगलवार रात नौ बजे से विसर्जन शुरू हुआ और पूरी रात प्रतिमाओं को विसर्जित करने का सिलसिला जारी रहा। विसर्जन के दौरान कठेला थाना क्षेत्र में एक किशोर डूब गया, जबकि शहरी क्षेत्र में मारपीट की घटना सामने आई। पुलिस ने पहले ही डीजे का शोर कम करा दिया था, इस कारण इस बार विवाद कम हुए।
नवरात्र में शहर समेत जिले के विभिन्न स्थानों पर स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। विसर्जन के पहले मंगलवार रात नौ बजे से शहर एवं आसपास स्थापित प्रतिमाओं के साथ निकले जुलूस में पूरी रात मां दुर्गा के जयकारे लगाते हुए युवा डीजे की धून पर थिरकते रहे। प्रतिमा विसर्जन बुधवार सुबह छह तक चलता रहा। कुछ छिटपुट घटनाओं के बीच शहर समेत पूरे जिले में प्रतिमा विसर्जन के दौरान माहौल शांतिपूर्ण रहा।
कोतवाल सदर सतीश कुमार सिंह ने बताया कि विसर्जन के दौरान शहर में पूरी रात पुलिस मुस्तैद रही। बुधवार को जमुआर घाट पर प्रतिमाएं विसर्जित नहीं हुईं, जबकि अन्य घाटों पर चार प्रतिमाएं ही विसर्जित हुईं।
शहर के सिद्धार्थ तिराहा, स्टेशन रोड, बांसी तिराहा, वन विभाग मोड़, अशोक मार्ग, सांड़ी तिराहा समेत विभिन्न स्थानों पर स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं को ट्रैक्टर ट्राॅली पर लाद और उसके पीछे डीजे लगे वाहन के साथ श्रद्धालु युवाओं की टोली ने जुलूस निकाला।
रात नौ बजे से सिद्धार्थ तिराहे पर प्रतिमाएं एकत्रित होने लगीं जो हाइडिल तिराहा, स्टेशन रोड पर भ्रमण कर बांसी तिराहा होते हुए जमुआर घाट पर स्थित विसर्जन स्थल पर भोर में चार बजे पहुंची। जहां एक-एक कर प्रतिमाओं के डोले का विसर्जन किया गया। प्रत्येक डोले के साथ शामिल युवाओं की टोली डीजे पर चल रहे भक्ति गीतों की धुन पर थिरकती रही।
इस बीच सांसद जगदंबिका पाल, विधायक श्यामधनी राही ने प्रतिमाओं के जुलूस में शामिल होकर युवाओं के साथ मां दुर्गा का जयकारे लगाए।
तुलसियापुर प्रतिनिधि के अनुसार बढ़नी ब्लाक के ग्रामीण इलाकों में देवी प्रतिमाओं को मंगलवार को विभिन्न नदियों व पोखरों में नम आंखों से श्रद्धापूर्वक विसर्जित किया गया। श्रद्धालु डीजे की धुन पर नाचते हुए देवी प्रतिमाओं को विसर्जित करने विसर्जन स्थल तक गए। कई जगहों पर मेले का भी आयोजन किया गया था।
बढ़नी ब्लाॅक के औदही कलां, रेड़वरिया, मानपुर, अहिरौला, खैरहनिया, तुलसियापुर, चरिहवां, मनिकौरा, केवटलिया, जलापुरवा, साधुवानगर, पिकौरा, मदरहिया, ढेबरुआ, शिवभारी, औरहवा,रौनिहवा आदि गांवों की तीन दर्जन से अधिक देवी प्रतिमाओं को एनएच 730 के किनारे पिकौरा के पास घोरही नदी में विसर्जित किया गया।
इसके अलावा सुरहिया नाले पर सिसवा, पचऊध, झिंगहा, परसा की देवी प्रतिमाओं को विसर्जित किया गया। सोनबरसा घाट पर बूढ़ी राप्ती नदी में झुंगहवां, तिरछहवां, कठेला गर्वी, कठेला शर्की, मैनिहवा, नावडीह, बंदुआरी, चेचराफ गांव की प्रतिमाएं विसर्जित की गईं। रामगढ़ घाट पर बानगंगा नदी में रामगढ़, बसहिया आदि जगहों की प्रतिमाओं को विसर्जित किया गया। इस दौरान एसडीएम प्रदीप कुमार यादव, ढ़ेबरुआ एसओ शशांक कुमार सिंह, शोहरतगढ़ एसओ पंकज कुमार पांडेय, कठेला समय माता एसओ कन्हैयालाल मौर्य, हियुवा नेता अजय सिंह मौजूद रहे।
पकड़ी बाजार प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के मधवापुर, डफरा, अकरा, धनगढिया, बुढनईया, पकड़ी चौराहा, मदरहवा, लालपुर, जम्हिरिया, कुटवा के दुर्गा प्रतिमा को बानगंगा नदी जम्हिरिया घाट पर विसर्जित किया गया। वहीं, पिपरी लाला, मस्जिदिया पिपरी, पिपरी पट्टी के दुर्गा प्रतिमा को हडहवा गांव के पास बानगंगा नदी में विसर्जित किया गया।
मेहनौली, संतोरी, संतोरा की प्रतिमा को संतोरी में विसर्जित किया गया। डबरा,बभनी, भैसहवा की दुर्गा प्रतिमाओं को बूढ़ी राप्ती नदी होरिलापुर घाट में विसर्जित किया गया।
शोभायात्रा निकालकर की प्रतिमा विसर्जित
इटवा। तहसील क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों में सौ से अधिक मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विभिन्न घाटों पर विधि-विधान से विसर्जन किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं कहीं पोखरे में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। प्रतिमा विसर्जन से पूर्व युवाओं की टोली ने शोभायात्रा निकालकर मां दुर्गा का जयकारा लगाते हुए डीजे की धुन पर थिरकते रहे।
इटवा कस्बे में मां दुर्गा की प्रतिमाओं को कस्बे के चारों मार्गों बढ़नी मार्ग, बिस्कोहर मार्ग, बांसी मार्ग से होते हुए करहिया पुल के पास परासी नाले में विसर्जित कर दिया गया। इसके अलावा त्रिमुहानी घाट, भिलौरी भिलौरा पुल, मधवापुर स्थित सीकरी नाला, मुहचोरवा घाट, राप्ती नदी स्थानों पर देर शाम तक प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
पथरा प्रतिनिधि के अनुसार मिठवल ब्लॉक के सुमहा में नवयुवक दुर्गा पूजा महोत्सव समिति की ओर से समारोह स्थल पर स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा को विसर्जन करने से पूर्व शोभायात्रा निकाली गई। जो विशुनपुरवा पथरा कम्हरिया टेढिया चौराहा बनगवा होते हुए राप्ती तट के बघनी घाट पहुंची वहां मां दुर्गा की प्रतिमा को विसर्जन किया गया। पथरा कस्बे में श्रीनव दुर्गा पूजा समिति की ओर से शोभायात्रा निकाली गई। जो पथरा सेहरी मुख्य मार्गों से होते हुए राप्ती तट के बघनी घाट पहुंची। यहां प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस अवसर पर मेहीराम वर्मा, आकाश चौधरी, संजय चौधरी, पंकज वर्मा, विजय यादव, बालाजी यादव, हरिओम पांडेय, खुशहाल चौधरी मौजूद रहे।
सकारपार प्रतिनिधि के अनुसार खेसरहा क्षेत्र के बिशुनपुर मुस्तहकम राप्ती नदी के पुल पर कई स्थानों से विजय दशमी के अवसर पर दुर्गा प्रतिमाओं को परंपरागत तरीके से विसर्जित किया गया। बिशुनपुर, पिपरा फरदंग, कोटिया, मुडार खुर्द, हसवापार, सिसहनिया, नेवटवा, सेमरा मुस्तहकम, झुडिया, मुडार छिविया, गोनहा ताल समेत कई जगहों पर देवी प्रतिमाओं का राप्ती नदी के पुल पर विसर्जन किया गया।
बांसी क्षेत्र के बांसी-पनघटिया बांध स्थित राप्ती नदी के भूतनाथ घाट पर क्षेत्र के मटियरिया, गोनहा डीह, बंधवा ताल, भगवतापुर, लमुही, सेमरा, डड़िया नानकार, गोहर आदि गांवों की दुर्गा प्रतिमाओं को राप्ती नदी के भूतनाथ घाट पर विसर्जित किया गया।