49878 राशन कार्ड के तहत 2 लाख 32 हजार 352 यूनिटों का होना है ई-केवाईसी
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। राशन कार्ड बनवाने और यूनिट जोड़वाने को लेकर लोग भले ही सक्रिय रहते हैं, लेकिन आधार प्रमाणीकरण और राशन कार्ड के यूनिट धारकों की ई-केवाईसी कराने में काफी पीछे हैं। नगरीय व ग्रामीण क्षेत्र के कुल 49878 राशन कार्ड के तहत 2 लाख 32 हजार 352 लाभार्थी हैं, जिनमें से अभी तक 41 हजार 420 यूनिट का ई-केवाईसी हो सका है। नगरीय के 3672 और ग्रामीण राशन कार्ड के 37748 लोगों ने अपना ई केवाईसी कराया है।
डुमरियागंज के क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी विजय प्रकाश सहाय ने बताया कि कार्डधारकों को ई-केवाईसी कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। भविष्य में अब उन्हीं कार्ड धारकों को राशन वितरित किया जाएगा जिनके आधार प्रमाणीकरण और ई-केवाईसी हो गया है। यदि ई-केवाईसी नहीं हुआ होगा तो उन्हें निशुल्क राशन से वंचित रहना पड़ सकता है।
ऐसे में अब परिवार के मुखिया का ही नहीं बल्कि राशन कार्ड में शामिल सभी यूनिट धारकों का ई-केवाईसी होना जरूरी है। इसके लिए बाकायदा कोटेदारों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने सभी राशन कार्डधारकों को आगाह करते हुए कहा है कि यथाशीघ्र ई-केवाईसी करा लें। एआरओ के मुताबिक अभी तक करीब 41 हजार 420 यूनिट का ई-केवाईसी हो चुका है।
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ई-पॉश मशीन पर जितने लोगों का लगेगा अंगूठा, उतनों को ही मिलेगा राशन
मुफ्त खाद्यान्न को पाने में अब राशन कार्ड के मुखिया के साथ ही उसमें शामिल सभी सदस्यों को खासा परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों को कोटेदारों के घर या दुकान पर जाकर ई-पॉश मशीन में अंगूठा लगाना पड़ रहा है। राशन कार्ड में शामिल सभी सदस्यों को अपना अंगूठा लगाना अनिवार्य है। अगर जिनका अंगूठा नहीं लगेगा, उनको खाद्यान्न नहीं मिलेगा और राशन कार्ड से उनका नाम भी कट जाएगा।
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पहले सिर्फ राशन कार्ड के मुखिया का ही ई-केवाईसी हुआ था। अब राशन कार्ड में प्रत्येक यूनिट का ई-केवाईसी जरूरी है। इससे राशन कार्ड में शामिल अपात्र एवं मृतकों के नाम स्वत: ही समाप्त हो जाएंगे।
-विजय प्रकाश सहाय, एरआरओ डुमरियागंज