सिद्धार्थनगर। जनपद एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने दहेज हत्या आरोपी पति व जेठानी को दोषमुक्त कर दिया है। न्यायालय में गवाही के दौरान सभी साक्षी मुकर गए थे, जिससे घटना अभियुक्तों द्वारा किया जाना साबित नहीं हुआ। मृतका का पति शाहरूख एवं जेठानी शकीला कोतवाली बांसी के मोहल्ला अशोक नगर निवासी हैं। कोर्ट ने वादी मुकदमा मृतका के भाई आदिल निवासी बोदला सराय, थाना जगदीशपुरा, जिला आगरा के विरुद्ध न्यायालय में झूठी गवाही देने के अपराध में केस दर्ज कर लिया है।
घटना कोतवाली बांसी थानाक्षेत्र के मोहल्ला अशोकनगर में घटी थी। आदिल पुत्र फाजिल बोदला सराय, थाना जगदीशपुरा, आगरा ने पुलिस को तहरीर दिया कि उसकी बहन मुन्नी का विवाह डेढ़ साल पहले शाहरूख पुत्र लाले निवासी मोहल्ला अशोकनगर, नगर व थाना बांसी के साथ हुआ था। तब से उसकी बहन अपने ससुराल आती-जाती रही। उसके माता-पिता ने मुन्नी की शादी में अपने औकात के मुताबिक दान-दहेज दिया था, लेकिन मुन्नी के ससुराल वाले उसके पति, जेठ, जेठानी दहेज से खुश नहीं थे। उसकी बहन को कम दहेज लाने के कारण मारते-पीटते प्रताड़ित करते रहते थे और दहेज में 50 हजार रुपये की मांग कर रहे थे, जिसे उसके माता-पिता नहीं दे पाए। इस कारण से मुन्नी के पति शाहरूख पुत्र लाले, जेठ मुन्नू पुत्र लाले और मुन्नी की जेठानी मिलकर मुन्नी को शारीरिक, मानसिक तौर से प्रताड़ित करते रहे, फिर भी मुन्नी सब कुछ सहकर ससुराल में रहती रही। 31 मार्च 2022 को उसकी बहन ने फोन करके बताया कि ससुराल में मेरे पति, जेठ व जेठानी मुझसे मारपीट करते हुये लड़ाई-झगड़ा कर रहे हैं। आप लोग तुरंत मेरे ससुराल आ जाओ, मुझे यहां से ले चलो नहीं तो जान से मार देंगे। यह सुनकर वह अगले दिन सुबह 10 बजे पत्नी सहित मुन्नी के ससुराल पहुंचा तो लोगों ने बताया कि मुन्नी के ससुराल वाले उसके पति शाहरूख, जेठ मुन्नू तथा मुन्नू की पत्नी मिलकर मुन्नी को फांसी पर लटका कर जान से मार दिया है और घर से भाग गए हैं।
मुन्नी के मकान में ऊपर जाकर देखा तो मुन्नी का शव पंखे से लटका था, वह मर चुकी थी और मुन्नी का छह माह का बच्चा छत पर चिल्ला रहा था। पुलिस ने केस दर्ज विवेचना किया और पति व जेठानी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। विचारण के दौरान गवाह मुकर गए जिससे साक्ष्य के अभाव में अभियुक्तों को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया।