मरीजों को बाहर की दवा न लिखें चिकित्सक : रंगाराव
सिद्धार्थनगर। चिकित्साधिकारी मरीजों को बाहर की दवा न लिखें। मरीजों को सभी सुविधाएं मुहैया कराएं। ओपीडी में समय से बैठकर मरीजों का इलाज करें। ये बातें राजस्व परिषद सदस्य (न्यायिक) एसवीएस रंगाराव ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बांसी के निरीक्षण के दौरान कही। निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी वार्ड, टीकाकरण कक्ष, ओपीडी कक्ष, दवा वितरण कक्ष आदि को देखा गया।
राजस्व परिषद सदस्य (न्यायिक) एसवीएस रंगाराव ने दवा वितरण कक्ष में स्टाक रजिस्टर से दवाओं का मिलान कराया। अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था ठीक कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नवनिर्मित पीएचसी भवन का निरीक्षण कर कार्यदायी संस्था को अधूरे कार्यों को पूर्ण कराने को कहा। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी जयेंद्र कुमार, उपजिलाधिकारी बांसी प्रमोद कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कुमार अग्रवाल, जिला विकास अधिकारी शेषमणि सिंह उपस्थित थे।
राजस्व परिषद सदस्य (न्यायिक) ने मिठवल ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय करही शुक्ल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्मार्ट क्लास को देखा तथा कक्षा एक, कक्षा छह एवं कक्षा आठ के बच्चों से किताबें पढ़वाकर शैक्षिक स्तर की जानकारी ली। मिड-डे मील के मेन्यू के अनुसार, बच्चों को मिल रहे भोजन के बारे में जानकारी प्राप्त कर जरूरी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय उपस्थित थे।
कक्षा आठ में कम नामांकन पर जताई नाराजगी
बांसी। राजस्व परिषद सदस्य (न्यायिक) एसवीएस रंगाराव के मिठवल ब्लॉक के करही शुक्ल स्थित कंपोजिट विद्यालय के निरीक्षण के दौरान कक्षा छह में 45 बच्चों में से कुछ बच्चे अनुपस्थिति रहे। कक्षा आठ में कम नामांकन पर नाराजगी जताई। इंग्लिश मीडियम के अपर प्राथमिक विद्यालय की छात्रा से इंग्लिश की किताब पढ़ने को कहा गया तो वह नहीं पढ़ पाई। अलबत्ता हिंदी में पढ़कर सुनाया। कक्षा सात में 26 में 16 छात्र उपस्थित रहे। बताया गया कि कक्षा 8 में मात्र 7 बच्चों का नामांकन है। उसमें भी एक छात्र अनुपस्थिति रहा। कक्षा आठ में नामांकन कम होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। कक्षा चार में गुणा का सवाल हल करने पर प्रीतम की पीठ थपथपाई। रसोईघर में व्यवस्था दुरुस्त नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। इंचार्ज प्रधानाध्यापक सावित्री देवी ने कहा कि रसोई में जरूरत के मुताबिक कई सामान प्रतिदिन मंगाया जाता है। इसलिए रसोइए हर सामान नहीं दिखा सके। रसोइयों ने बैठने के लिए बेंच की मांग की। राजस्व परिषद सदस्य ने शीघ्र व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया।