जिला पंचायत सभागार में शनिवार को हुई बोर्ड की बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और सफाई का मुद्दा गरमाया रहा। व्यवस्था से नाराज सदस्यों ने विभागीय अफसरों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। उनके कार्यकलाप पर उंगलिया उठाई।
सीएमओ से पूछा कि वह जिले के कितने गांवों का भ्रमण कर चुके हैं तो वह जवाब नहीं दे पाए। स्कूलों में बिजली कनेक्शन के संबंध में बीएसए के प्रतिनिधि का जवाब भी गोलमोल था। सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति, तबादले में मनमानी को उठाते हुए डीपीआरओ से जवाब मांगा।
जिले में मौजूद होने के बावजूद मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के बैठक में न आने पर सदस्यों ने नाराजगी जताई तो सीडीओ ने स्पष्टीकरण तलब किया। यह भी तय हुआ कि अगली बैठक में सभी विभागों के जिलाधिकारी खुद आएं, कोई प्रतिनिधि मान्य नहीं होगा। खास बात यह रही कि बैठक में सिर्फ चंद सदस्यों ने ही विचार रखे। महिलाओं समेत अन्य सदस्य मौन व्रत धारण किए रहे।
सुबह साढ़े 11 बजे से शुरू हुई बैठक पिछली कार्यवाही की पुष्टि के साथ जैसे ही आगे बढ़ी खुनियांव ब्लाक प्रमुख तौलेश्वर निषाद ने गांवों की सफाई व्यवस्था का मुद्दा उठाकर माहौल गर्म कर दिया। कहा कि सिर्फ अफसरों के दफ्तर और आवास ही साफ होंगे या कभी गांवों की भी सफाई होगी।
उन्होंने सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति में मनमानी और आबादी अनुपात का ख्याल न रखने पर आपत्ति जताई। डीपीआरओ शशिकांत पांडेय के जवाब से असंतुष्ट सदस्यों ने सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति में दखलदांजी, आबादी अनुपात का पूरा लिखित विवरण मांगा।
सदस्य सत्यनारायण यादव ने स्कूलों में विद्युतीकरण में घपलेबाजी का आरोप लगाया। कहा कि जब कनेक्शन ही नहीं हुए तो पंखा, बल्ब गए कहां। शासकीय धनराशि का दुरुपयोग हुआ है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट दी जाए। सभी सदस्यों से अपने क्षेत्र में इसका सत्यापन करने को कहा गया।
बैठक में बीएसए के न होने पर भी आपत्ति जताई गई। तौलेश्वर निषाद ने संक्रामक बीमारियों का जिक्र करते हुए मच्छररोधी दवाओं के छिड़काव के बारे में जानकारी चाही तो सीएमओ डॉ. जीसी श्रीवास्तव ने बजट के अभाव का रोना रोया।
बताया कि सिर्फ जेई व एईएस प्रभावित गांवों के लिए ही बजट मिलता है। सीएमओ ने कहा कि वह गांवों में जाकर वहां की समस्याएं देख रहे हैं। हाल ही में निरीक्षण किए गए भनवापुर, बढ़नीचाफा, खुनियांव ब्लॉक के किसी ऐसे गांव का नाम पूछा गया तो सीएमओ चुप्पी साध गए।
पशु चिकित्सा सेवा से संबंधित सवालों का जवाब देने के लिए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी मौजूद नहीं थे। बताया गया कि वह पथरा बाजार गए हैं। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सीडीओ प्रदीप कुमार पांडेय ने स्पष्टीकरण नोटिस देने का निर्देश दिया।
करीब दो घंटे तक चली बैठक में कार्यालय परिसर में नवनिर्मित दुकानों के आवंटन, वर्ष 2016-17 का श्रमांश बजट, संपत्ति व विभव कर लगाने के लिए प्रस्तावित कर दाता सूची का अनुमोदन हुआ। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष गरीबदास व संचालन अपर मुख्य अधिकारी रमेश सिंह ने की। विधायक विजय पासवान, जिला पंचायत सदस्य सईद भ्रमर सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।