- शासन से आया पत्र दान या फिर सरकारी भूमि पर बनेगा अस्पताल
- अभी माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध है जिला अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में जनपद को बड़ी तोहफा मिलेगा। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल को अलग बनाने की कवायद शुरू हो गई। शासन ने इस मामले में पत्र जारी करते हुए पांच एकड़ भूमि पर जिला अस्पताल बनाने का निर्देश दिया है। भूमि की तलाश शुरू हो गई है। इसमें अगर कोई चाहता है तो अस्पताल बनाने के लिए भूमि दान में दे सकता है।
जनपद के स्थापना के बाद जिले की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से जिला अस्पताल बनाया गया था। आबादी बढ़ने और मरीजों की बढ़ती तादाद को देखते हुए जिले में तीन वर्ष पहले मेडिकल कॉलेज बनाने की योजना शुरू हुई। मौजूदा समय में माधव प्रसाद त्रिपाठी के नाम से मेडिकल कॉलेज का संचालन शुरू होने लगा है। जिला अस्पताल माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होकर संचालित हो रहा है।
धीरे-धीरे जिला अस्पताल का अधिपत्ति समाप्त हो रहा है। पुराने कर्मियों का स्थानांतरण करके दूसरे स्थान पर भेजा रहा है। शासन ने स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाने और मेडिकल कॉलेज का बोझ हल्का करने के लिए प्रदेश के जिन जनपदों में नये मेडिकल कॉलेज बने हैं, वहां पर नया जिला अस्पताल बनाने का निर्णय लिया। पांच एकड़ भूमि पर जिला अस्पताल बनाने की योजना है।
इसके लिए शासन ने पत्र जारी कर दिया है। अब प्रशासन की ओर से भूमि को चिह्नित किया जाएगा। इसके बाद जिला अस्पताल बनाए जाने का कार्य आगे बढ़ेगा। अस्पताल बनाने में कोई भी व्यक्ति अपनी भूमि दान कर सकता है। जिला अस्पताल बन जाने से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था और बेहतर हो जाएगी। ऐसा लोगों का कहना है।
इन जनपदों में बनना है जिला अस्पताल
फिरोजाबाद, शाहजहांपुर, बहराइच, एटा, हरदोई, फतेहपुर, प्रतापगढ़, देवरिया, गाजीपुर, मिर्जापुर, सिद्धार्थनगर, जौनपुर, सुल्तानपुर, सोनभद्र, कानपुर देहात, औरया, ललितपुर, कुशीनगर, कौशांबी, बिजनौर, बुलंदशहर, पीलीभीत, गोंडा, चंदौली, अमेठी जनपद शामिल है।