सिद्धार्थनगर। खुनियांव ब्लॉक परिसर में स्थित एडीओ पंचायत कक्ष में आग लगने की घटना में अभिलेखों के जलकर राख होने की घटना सामान्य नहीं है। सीडीओ जयेंद्र कुमार के निर्देश पर इस ब्लॉक में तैनात पांच ग्राम पंचायत अधिकारियों से संबंधित मामले की जांच चल रही है। जिसमें केंद्र व राज्य वित्त की करोड़ों की धनराशि के हेरफेर करने संबंधी शिकायत हुई थी। शिकायतकर्ता देवेश मणि त्रिपाठी ने जांच संबंधी अभिलेखों के आग की घटना में प्रभावित होने के मामले की भी जांच करने की मांग की गई है।
मामला यह है कि आरटीआई कार्यकर्ता देवेश मणि त्रिपाठी ने जनसूचना के तहत खुनियांव ब्लॉक के पांच ग्राम पंचायत अधिकारियों से जानकारी मांगी थी। जिसमें वांछित एवं पूर्ण अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने के मामले में सूचना आयोग की तरफ से संबंधित सेक्रेटरी के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था। जिसके क्रम में सीडीओ जयेंद्र कुमार ने छह फरवरी को सभी पांचों सेक्रेटरी के विरुद्ध जांच के लिए अलग-अलग बीडीओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय पांच टीमें गठित कर दी है। जिसमें संबंधित ब्लॉक के ही एडीओ पंचायत व लेखाकार सदस्य नामित किए गए है। इसमें सेक्रेटरी हरेंद्र पांडेय की जांच बीडीओ इटवा, विकास कुमार चौधरी की जांच बीडीओ जोगिया, पियुष कुमार पांडेय की जांच बीडीओ भनवापुर, अतुल सिंह यादव की जांच बीडीओ डुमरियागंज व राकेश पाठक की जांच बीडीओ खेसरहा कर रहे है।
सभी पांच टीमों को सूचना आयोग से मिले निर्देश के क्रम में संबंधित सेक्रेटरी की ओर से सूचना नहीं देने एवं गायब अभिलेख की जांचकर रिपोर्ट देनी थी। इसी बीच एडीओ पंचायत के कक्ष में आग लगने से अभिलेखों के जलकर राख होने की घटना सामने आ गई है।