भनवापुर। क्षेत्र के बिजवार बढ़ई में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन बुधवार की रात कथा वाचक पंडित नितेशाचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मनोहारी वर्णन किया। उन्होंने नंदगांव और वृंदावन में श्रीकृष्ण द्वारा की गई लीलाओं जैसे पूतना वध, शकटासुर, तृणावर्त, कालिया नाग पर विजय, गोवर्धन पूजा और ग्वाल-बालों संग बाल्यकाल की चंचल घटनाओं को विस्तारपूर्वक सुनाया। कथा वाचक ने बताया कि कैसे भगवान ने बाल रूप में ही अधर्म के प्रतीक कंस का अंत कर धर्म की स्थापना की। कंस वध की कथा सुनाते हुए श्रोता भावविभोर हो उठे और जय श्रीकृष्ण के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ दूर-दराज से आए भक्त भी उपस्थित रहे।